केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर सत्ता में वापसी कर ली है। AINRC के प्रमुख एन रंगास्वामी ने बीते बुधवार को लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने आयोजित समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। एन रंगास्वामी इससे पहले 2001 से 2008, 2011 से 2016 और 2021 में CM रहे हैं और अब 2026 तक राज्य की कमान संभाली थी। राजनीतिक अनुभव और मजबूत जनाधार के चलते एक बार फिर उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
NDA सहयोगियों को मंत्रिमंडल में मिला प्रतिनिधित्व
CM के साथ NDA गठबंधन के दो अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें एनआर कांग्रेस समर्थित विधायक के. मल्लादी कृष्णा राव और बीजेपी के वरिष्ठ नेता ए. नमाशिवायम शामिल हैं। शपथ ग्रहण के दौरान मल्लादी कृष्णा राव ने तेलुगु भाषा में शपथ ली। इस अवसर पर बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। समारोह में पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों और गठबंधन से जुड़े नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से खास बना दिया।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनी सरकार
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एन रंगास्वामी को पुडुचेरी का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी किया। रंगास्वामी ने उपराज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और बहुमत साबित करने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया गया। यह उनका पांचवां मुख्यमंत्री कार्यकाल है, जो पुडुचेरी की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
विधानसभा चुनाव में NDA को मिला बहुमत
पुडुचेरी विधानसभा की कुल 30 सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था। वहीं 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित किए गए। चुनाव परिणामों में NDA गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला। एन रंगास्वामी के नेतृत्व वाली एनआर कांग्रेस 12 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भारतीय जनता पार्टी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा AIDMK और LJK को एक-एक सीट मिली। इस तरह NDA गठबंधन के खाते में कुल 18 सीटें आईं, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक हैं।
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