वालपोई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक चिकित्सा अधिकारी को इलाज में कथित लापरवाही के मामले में निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि समय पर सही उपचार नहीं मिलने के कारण 11 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर हो गई और बाद में उसका पैर काटना पड़ा।सरकारी आदेश के मुताबिक, बच्चे के बाएं पैर में गिरने से चोट लगी थी जिसके बाद 27 अप्रैल को उसे वालपोई स्थित (Valpoi CHC) में भर्ती कराया गया।
वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. यवंती गावडे ने उसकी जांच की। प्रारंभिक उपचार के दौरान घायल पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लास्टर लगाने का काम एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ कर्मचारी ने किया जो कथित तौर पर ऑर्थोपेडिक विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों की सहायता कर रहा था।
गोवा मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
अगले दिन बच्चे को तेज बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत होने लगी जिसके बाद उसे दोबारा अस्पताल लाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे गोवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इस दौरान उसके पैर की उंगलियों में गंभीर संक्रमण फैल गया और बाद में गैंग्रीन होने के कारण डॉक्टरों को प्रभावित पैर काटना पड़ा।
अधिकारी को तत्काल किया गया निलंबित
मामले की जांच कर रही विशेषज्ञ समिति की शुरुआती टिप्पणियों में मेडिकल लापरवाही के संकेत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि विस्तृत जांच पूरी होने तक आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।