विदेश मंत्री एस जयशंकर(S Jaishankar) अपनी यात्रा की शुरुआत मॉरिशस से करेंगे, जहां वे 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। इस दौरान वे सम्मेलन को संबोधित करेंगे और विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों व प्रतिनिधियों के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मॉरिशस में वे वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भी करेंगे। यह सम्मेलन भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति, ‘विजन महासागर’ और ग्लोबल साउथ के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह आयोजन मॉरिशस सरकार, विदेश मंत्रालय और इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है। 2016 से आयोजित हो रहा यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता, समुद्री व्यापार, आर्थिक सहयोग और जलवायु चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा का प्रमुख मंच बन चुका है।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बल
मॉरिशस यात्रा के बाद जयशंकर 11 अप्रैल से दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर यूएई जाएंगे। यहां वे शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति बनी है। इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने आम लोगों को प्रभावित किया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर डाला है।