दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने महिपालपुर इलाके में एलपीजी जमाखोरी और कालाबाजारी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 74 गैस सिलेंडर, एक वाहन और गैस ट्रांसफर से जुड़े उपकरण बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा (33), दिनेश साहू (46) और मिथिलेश (39) के रूप में हुई है। तीनों पिछले कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और महिपालपुर क्षेत्र में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई कर रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 21 मार्च को AATS टीम को महिपालपुर स्थित एक मकान (K-845) में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी की गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में टीम ने मौके पर छापा मारा।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 70 घरेलू और 4 वाणिज्यिक सिलेंडर, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, दो लटकने वाले तराजू, गैस ट्रांसफर के लिए धातु पाइप और एक टाटा ऐस गोल्ड वाहन बरामद किया। आरोपी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
गजब की कालाबाजारी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिना बिल के स्थानीय लोगों को गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचते थे। मुनाफा बढ़ाने के लिए भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ है और गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इस अवैध कारोबार के लिए उन्होंने किराए पर लिया गया परिसर और वाहन का इस्तेमाल किया। यह गिरोह पिछले लगभग तीन वर्षों से इस गतिविधि में संलिप्त था।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में थाना वसंत कुंज नॉर्थ में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि यह कार्रवाई आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है।
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