उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हॉलमार्क लगाने की मशीन और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।
शिकायत से खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब 19 मार्च को ज्योतिर्मठ क्षेत्र निवासी लवली रावत ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी नथ और झुमके 40 हजार रुपये में ब्याज पर आदय ज्वैलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास गिरवी रखे थे।
असली के बदले नकली गहने लौटाए
नवंबर में रकम लौटाने के बाद जब दिसंबर में उन्होंने अपने गहने वापस लिए और पहने, तो लोगों ने उनके नकली होने की आशंका जताई। अन्य ज्वैलर्स से जांच कराने पर पता चला कि गहने नकली हैं और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने स्वीकार किया कि उसने असली गहनों की जगह नकली गहने बनवाकर उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर ग्राहक को वापस कर दिए।
गिरोह का दूसरा सदस्य भी गिरफ्तार
पूछताछ में सामने आया कि कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु इस गिरोह का अहम सदस्य है, जो कम कैरेट की ज्वैलरी पर फर्जी 20 कैरेट का हॉलमार्क लगाता था। उसके पास बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन भी थी पुलिस टीम ने कर्णप्रयाग में छापेमारी कर पंकज कुमार प्रभु को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हॉलमार्क मशीन और नकली ज्वैलरी बनाने से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नकली ज्वैलरी के कारोबार पर बड़ा झटका लगा है।
Read More

