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राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने के बाद, पंजाब ने शिक्षा क्रांति 2.0 के तहत वैश्विक शिक्षा नेतृत्व पर नजर टिकाई – हरजोत सिंह बैंस

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, मान सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ की शुरुआत की है, जिसके तहत अगले छह वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये के निवेश से स्कूल शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे के सुधार को तेज करना और पंजाब की शिक्षा प्रणाली को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप बनाना है।

विश्व बैंक के साथ की साझेदारी

इस मिशन के तहत पंजाब सरकार ने कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए विश्व बैंक के साथ साझेदारी की है। यह साझेदारी राज्य द्वारा पहले से किए गए महत्वपूर्ण शिक्षा सुधारों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम के लिए कुल 3,500 करोड़ रुपये में से 2,500 करोड़ रुपये विश्व बैंक द्वारा ऋण सहायता के रूप में और 1,000 करोड़ रुपये पंजाब सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जिससे यह राज्य के इतिहास के सबसे बड़े शिक्षा सुधार निवेशों में से एक बन जाता है। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ की शुरुआत पहले चरण की उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखते हुए की गई है। पहले चरण के तहत राज्य भर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी गई और पंजाब को राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचाया गया।

पंजाब ने हासिल किया प्रथम स्थान

भारत सरकार द्वारा आयोजित परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए कक्षा शिक्षण परिणामों में पहला स्थान हासिल किया और देशभर में अग्रणी बनकर उभरा। यह उपलब्धि शिक्षा क्रांति के तहत किए गए बुनियादी सुधारों को दर्शाती है, जिनमें कक्षा शिक्षण को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का उन्नयन और लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में प्रशासन को बेहतर बनाना शामिल है। पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य ने करियर मार्गदर्शन प्रणालियों को मजबूत किया है, विज्ञान और वाणिज्य संकाय तक पहुंच का विस्तार किया है, शिक्षक प्रशिक्षण तंत्र को सुदृढ़ किया है और हजारों संस्थानों में स्कूल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया है, ताकि सुधार केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर ठोस और मापनीय परिणाम दे सकें। इन प्रणालीगत सुधारों ने एक मजबूत और विश्वसनीय नींव तैयार की है। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ अब इन उपलब्धियों को संस्थागत रूप देगा और पंजाब की शिक्षा प्रणाली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणालियों की कतार में खड़ा करेगा।

शिक्षा क्रांति को मिली सफलता – CM मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा क्रांति की सफलता ने राज्य के शिक्षा परिदृश्य को नया रूप दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पहला स्थान इस बदलाव का प्रमाण है। शिक्षा क्रांति 2.0 के साथ हम अब अपनी शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं। विश्व बैंक के साथ सहयोग हमारी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह हर बच्चे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का अगला कदम है।” शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि शिक्षा क्रांति पहले ही मापनीय परिणाम दे चुकी है और अगला चरण सुधारों के दायरे और गहराई को और विस्तारित करेगा। उन्होंने कहा, “पंजाब शिक्षा क्रांति ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी है और राज्य को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया है। अब शिक्षा क्रांति 2.0 हमें राष्ट्रीय नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी। पंजाब का हर बच्चा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अवसरों का हकदार है और यह मिशन हमें उस लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।”

बुनियादी शिक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता

सरकार के अनुसार, 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाला यह मिशन परिणाम-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से शिक्षा सुधारों को और गहरा तथा स्थायी बनाएगा। इसके तहत बुनियादी शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक बच्चा आवश्यक कौशल प्राप्त कर सके। इस पहल के तहत विज्ञान और वाणिज्य संकाय तक पहुंच बढ़ाई जाएगी, व्यावसायिक शिक्षा को उन्नत किया जाएगा और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं बेहतर रोजगार की दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए संरचित करियर काउंसलिंग प्रणाली शुरू की जाएगी। साथ ही, एक व्यापक डिजिटल करियर गाइडेंस पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे छात्रों को परामर्श, योग्यता मूल्यांकन और बेहतर करियर विकल्प चुनने में सहायता मिलेगी। इन सुधारों का उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करना, पेशेवर विकास कार्यक्रमों को आधुनिक बनाना और एक व्यापक स्कूल नेतृत्व ढांचा लागू करना है, ताकि शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को सशक्त बनाया जा सके। साथ ही, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और स्कूल प्रबंधन समितियों को मजबूत कर पारदर्शी एवं जवाबदेह स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे सामुदायिक भागीदारी भी बढ़ेगी यह मिशन भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा और प्रणालियां विकसित करेगा। इसके तहत व्यापक सुधार किए जाएंगे ताकि दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ द्वारा रखी गई मजबूत नींव को आगे बढ़ाते हुए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ अब इस परिवर्तन को और विस्तार देगा और पंजाब की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

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