New Delhi, July 02 (ANI): AAP MP Sandeep Pathak speaks during the ongoing Parliament session, in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo/Sansad TV)
संसद के उच्च सदन राज्यसभा में सोमवार को ट्रेन टिकटों की लंबी वेटिंग लिस्ट और यात्रियों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया गया।
बड़ी संख्या में रेल यात्रियों को समय पर कंफर्म टिकट नहीं
राज्यसभा में सोमवार को ट्रेन टिकटों की लंबी वेटिंग लिस्ट और यात्रियों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया गया। संदीप पाठक ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि देश में बड़ी संख्या में रेल यात्रियों को समय पर कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता, जो रेलवे की कमी को दर्शाता है।
लगभग दो लाख टिकट कंफर्म नहीं हो पाते
संदीप पाठक ने कहा कि ट्रेन टिकट न तो तुरंत उपलब्ध हो पाता है और न ही वेटिंग टिकट समय पर कंफर्म हो पाता है। उन्होंने बताया कि रेलवे में वेटिंग लिस्ट की सीमा लगभग 25 प्रतिशत तय है। देश में प्रतिदिन करीब 15 लाख टिकट बुक होते हैं, जिनमें से लगभग दो लाख टिकट कंफर्म नहीं हो पाते। उनका कहना था कि इसका मुख्य कारण रेलवे ढांचे का पर्याप्त रूप से विकसित न होना है।
कोचों की संख्या बढ़ाने की जरूरत
आप सांसद ने आंकड़ों के जरिए भी इस समस्या को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में देश की आबादी लगभग 36 करोड़ थी और उस समय रेलवे ट्रैक की लंबाई करीब 53,600 किलोमीटर थी। वहीं आज देश की आबादी बढ़कर लगभग 140 करोड़ हो गई है, लेकिन रेलवे ट्रैक की लंबाई केवल करीब 69,000 किलोमीटर तक ही पहुंच पाई है।
संदीप पाठक ने कहा कि मौजूदा जरूरतों को देखते हुए देश में कम से कम 1.2 लाख किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान गति से इस लक्ष्य तक पहुंचने में लगभग 20 साल लग सकते हैं। इसी तरह कोचों की संख्या बढ़ाने और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को तेजी से लागू करने की भी जरूरत है।
भारतीय रेल को एक स्वतंत्र यूनिट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि अक्सर वंदे भारत और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं की चर्चा होती है, लेकिन आम यात्रियों की मूल समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।संदीप पाठक ने सुझाव दिया कि भारतीय रेल को एक स्वतंत्र यूनिट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।