केरल के कन्नूर जिले में साल 2016 में हुई एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 9 साल से फरार दो महिलाओं को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के नांगलोई निवासी 55 वर्षीय परवीन बानू और उसकी 32 वर्षीय बेटी सकीना फातिमा के रूप में हुई है। दोनों पर 60 वर्षीय मरदान कुंजामिना की हत्या कर उनका कीमती सामान लूटने का आरोप है। क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया।
कैसे हुई हत्या?
जांच के मुताबिक अप्रैल 2016 में दोनों आरोपी कन्नूर के इरिककुर इलाके में आकर रहने लगी थीं। उन्होंने खुद को कपड़ा व्यापारी बताकर कुंजामिना के घर के पास एक कमरा किराए पर लिया। धीरे-धीरे उन्होंने बुजुर्ग महिला से दोस्ती कर उनका विश्वास जीत लिया। 30 अप्रैल 2016 की सुबह उन्होंने कुंजामिना को अपने कमरे पर बुलाया और अंदर आते ही उन पर चाकू से कई वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी महिला की सोने की चेन, चूड़ियां और नकदी लेकर फरार हो गईं।
कई राज्यों में बदलती रहीं ठिकाने
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी आंध्र प्रदेश में इसी तरह के अपराध में शामिल रही थीं। पुलिस से बचने के लिए वे फर्जी दस्तावेजों पर घर किराए पर लेती थीं और अपराध के बाद अपना मोबाइल फोन फेंक देती थीं। वे अलग-अलग नामों से लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल करती थीं और एक शहर में ज्यादा दिन नहीं रुकती थीं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने केरल के कई जिलों के अलावा तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी ठिकाने बदले।
कई भाषाओं का था ज्ञान
पुलिस के अनुसार आरोपियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी भाषाई पकड़ थी। वे तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मलयालम, गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी समेत सात भाषाएं बोल सकती थीं। इसी वजह से वे जिस राज्य में जाती थीं, वहां आसानी से स्थानीय लोगों में घुल-मिल जाती थीं और किसी को उन पर शक नहीं होता था। बता दें कि साल 2024 में यह मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपा गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। क्राइम ब्रांच के एसपी पी. बालकृष्णन नायर के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों को उज्जैन में ट्रैक किया और स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकें।
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