हिमाचल प्रदेश के मंडी में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। ये सभी मृतक उन दो रोडवेज की बसों के यात्री हैं जो भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। वहीं, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा शनिवार की देर रात हुआ। एक बस चंबा से मनाली जा रही थी, जबकि दूसरी मनाली से जम्मू के कटरा के सफर पर थी। रात होने के कारण राहत और बचाव का काम सुबह तक के लिए रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ जब दोनों बसें

जम्मू-कश्मीर के हालात बारिश के कारण बिगड़ते जा रहे है। कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन हो गया है, जिसकी वजह से सड़क यातायात आवागमन में दिक्कतें आ रही है। भूस्खलन की वजह से उधमपुर-घोरधी मार्ग भी पिछले तीन दिन से बंद है। उधमपुर-घोरधी मार्ग पर सत्ताइस गांव की करीब साढ़े छह हजार जनसंख्या निर्भर है, लेकिन भूस्खलन की वजह से रोड बंद होने पर स्कूली बच्चों और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा।  

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में नेशनल हाइवे पर लैंडस्लाइड हुई है। लैंडस्लाइड की वजह से हाइवे पर दोनों तरफ की आवाजाही रोक दी गई है और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लैंडस्लाइड का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है, सभी अमरनाथ यात्रियों के तीसरे जत्थे को जम्मू में ही रोक दिया गया है।

उत्तराखंड में भूस्खलन की वजह से बद्रीनाथ यात्रा पर गए सैकड़ों यात्री फंस गए हैं. चट्टानें किसकने के बाद बदरीनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है. इसके बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाइवे को ठीक करने के लिए काम तेजी से शुरु कर दिया गया है। चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सीमा सड़क संगठन के जवान मलबे को साफ करने में लगे हैं और शनिवार दोपहर तक राजमार्ग को यातायात के लिये खोल दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ की यात्रा पर आये श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिये उन्हें जोशीमठ, पीपलकोटी, कर्णप्रयाग, गोविंदघाट और बद्रीनाथ में ही सुविधाजनक स्थानों