West Bengal Election BJP Victory: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया। TMC महज 81 सीटों पर सिमट गई, जबकि पिछली बार उसने 215 सीटें जीती थीं।
भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त
2021 के चुनाव में 77 सीटों तक सीमित रही BJP ने इस बार अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए तीन गुना से अधिक सीटें जीत लीं। पार्टी ने लंबे समय से बंगाल में सत्ता में आने का जो लक्ष्य रखा था, वह आखिरकार पूरा हो गया। यह जीत राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।
ममता बनर्जी की बड़ी हार
इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा। भवानीपुर सीट से वे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार गईं। सुवेंदु को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता को 58,812 वोट ही मिल पाए। यह सीट बेहद हाई-प्रोफाइल मानी जा रही थी।
सुवेंदु अधिकारी का दबदबा कायम
सुवेंदु अधिकारी ने सिर्फ भवानीपुर ही नहीं, बल्कि नंदीग्राम सीट पर भी जीत दर्ज की। उन्होंने TMC उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया। इससे पहले भी वे ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हराने का रिकॉर्ड बना चुके हैं, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत होती दिख रही है।
TMC के दिग्गज नेताओं की हार
इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े चेहरे हार गए। इनमें शशि पांजा, ब्रात्य बसु, मानस भुइयां, अरूप बिश्वास, मलय घटक, सुजीत बोस, उदयन गुहा, बीरबाहा हांसदा, चंद्रिमा भट्टाचार्य, रथिन घोष, ज्योतिप्रिय मल्लिक और सिद्दीकुल्लाह चौधरी जैसे नाम शामिल हैं। इन हारों ने पार्टी की स्थिति और कमजोर कर दी।
आठ जिलों में TMC का हुआ सफाया
तृणमूल कांग्रेस आठ जिलों, अलीपुरद्वार, कलिंपोंग, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, जलपाईगुड़ी, पूर्व मेदिनीपुर और दार्जिलिंग में एक भी सीट नहीं जीत सकी। चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि TMC कई जिलों में खाता तक नहीं खोल पाएगी, जो अब सही साबित होता दिख रहा है।
अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भी झटका
मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण 24 परगना जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में भी TMC को नुकसान हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, इन इलाकों में मुस्लिम मतदाताओं के एक वर्ग ने भाजपा को समर्थन दिया, जिससे परिणामों पर बड़ा असर पड़ा।
प्रमुख सीटों पर भी हार का असर
तृणमूल कांग्रेस नंदीग्राम के अलावा सिंगुर सीट भी हार गई। सिंगुर वही स्थान है, जहां भूमि अधिग्रहण आंदोलन के जरिए ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की थी। इसके अलावा नदिया और उत्तर 24 परगना में भी पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां मतुआ समुदाय ने भाजपा का समर्थन किया।
भाजपा के प्रमुख विजेता चेहरे
इस चुनाव में भाजपा के कई बड़े नेता जीतकर उभरे हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक, दिलीप घोष, रूपा गांगुली, अग्निमित्रा पाल, दिब्येंदु अधिकारी और हिरन चटर्जी शामिल हैं। इन नेताओं की जीत ने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है। इस चुनाव परिणाम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल सरकार का अंत हो गया है और भाजपा अब राज्य में नई सरकार बनाने की स्थिति में है। यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की नीतियों और राजनीति की दिशा तय करेगा।
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