वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अहम समझौते के बाद जियोपॉलिटिकल तनाव काफी बढ़ गया है। इस बीच, इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने साफ़ कर दिया है कि इज़राइली सेना सीमा पर अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने अमेरिका की अगुवाई में बने नए डिप्लोमैटिक फ़्रेमवर्क को मानने से इनकार करते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
इज़राइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यरूशलेम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ़ तौर पर बता दिया है कि वह सेना हटाने की अंतरराष्ट्रीय समय-सीमा का पालन नहीं करेगा।
काट्ज़ का सुरक्षा रुख
इज़राइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ़ किया कि बाहरी डिप्लोमैटिक दबाव से देश की मौजूदा रक्षात्मक तैनाती में कोई बदलाव नहीं आएगा।
נשיא ארה"ב מוביל בימים אלה להסכם עם איראן מתוך ראיית האינטרסים האמריקאים, ובהם גם האינטרס המשותף עם ישראל – למנוע מאיראן נשק גרעיני – ואנו מצפים שיעמוד על העיקרון הזה ועקרונות נוספים בתחום הטילים ושלוחי הטרור.
ביחד הנחתנו על איראן מכות קשות שהסיגו את יכולותיה שנים רבות לאחור.…
— ישראל כ”ץ Israel Katz (@Israel_katz) June 12, 2026
इज़राइल की सुरक्षा नीति के बारे में बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “इज़राइली नागरिकों की सुरक्षा के लिए IDF लेबनान, सीरिया और गाज़ा के सुरक्षा क्षेत्रों में अनिश्चित काल तक बनी रहेगी।”
काट्ज़ ने इस कड़े रुख को और मज़बूत करते हुए पुष्टि की कि यरूशलेम ने नए समझौते की शर्तों को लेकर अपने सबसे करीबी सहयोगी के सामने अपना विरोध जताया है। रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “हम लेबनान से सेना हटाने का कड़ा विरोध करते हैं और यह बात अमेरिका को साफ़ तौर पर बता दी गई है।” उन्होंने उत्तरी सीमा पर किसी भी संभावित तनाव को लेकर तेहरान को कड़ी और सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान लेबनान के ज़रिए हमला करता है, तो इज़राइल पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेगा।”
इज़राइली मीडिया के मुताबिक, काट्ज़ ने ज़ोर देकर कहा कि “इज़राइल मौजूदा और भविष्य के तमाम दबावों के बावजूद लेबनान से सेना हटाने से इनकार करता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन “नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को यह बात साफ़ तौर पर बता दी थी।”
बेन-ग्विर का विरोध
ההסכם של טראמפ אינו מחייב אותנו. ישראל לא כפופה לארצות הברית ואנחנו מדינה עצמאית וריבונית!
חובתנו לאזרחי ישראל לחיילי צה״ל ולעם היהודי וחובתנו ההיסטורית לנרדפים ולנרצחים היהודים באלפי שנות גלות, להעניק ביטחון ליהודים בארץ ישראל.
בכל פעם שנכנענו ללחץ בינלאומי על חשבון ביטחון…
— איתמר בן גביר (@itamarbengvir) June 15, 2026
इज़राइल के कड़े रुख को और हवा तब मिली जब इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने वॉशिंगटन की मध्यस्थता वाली डिप्लोमैटिक कोशिशों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश बाहरी डिप्लोमैटिक समझौतों से बंधा हुआ नहीं है और अपनी पूरी संप्रभुता बनाए रखेगा।
दक्षिणपंथी मंत्री ने साफ़ किया कि अमेरिका की अगुवाई वाली पहल देश की घरेलू या सैन्य नीति तय नहीं करतीं। उन्होंने ईरान के साथ हुए समझौते की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद इज़राइल की जियोपॉलिटिकल आज़ादी पर ज़ोर दिया।
सोशल मीडिया पर अपना कड़ा विरोध जताते हुए बेन-ग्विर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इज़राइल किसी विदेशी ताकत के अधीन नहीं रहेगा। “ट्रंप का समझौता हम पर लागू नहीं होता।”
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