Kanpur Vomiting Gang: उत्तर प्रदेश के कानुपर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसका कानपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। दरअसल, एक शातिर ‘उल्टी गैंग’ यहां यात्रियों के साथ लूटपाट की वारदात कर रहा था, यह लुटेरों का एक ऐसा गिरोह था जो उल्टी आने का नाटक करके यात्रियों को बेवकूफ बनाता था। ये गिरोह बड़ी चालाकी के साथ लूटपाट को अंजाम देता था, इसके लिए वो एक छोटे बच्चे को आगे करते थे और भोले-भोले यात्रियों के साथ वारदात को अंजाम देते थे।
आरोपी के पैर में लगी गोली
मामले पर एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने देर रात गल्ला मंडी इलाके में चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ऑटो-रिक्शा को रोका। रोकने पर ऑटो चालक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, पहले से तैयार पुलिस ने आरोपियों का तुरंत पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं और दो युवक शामिल हैं। मुख्य आरोपी अभिषेक कानपुर का निवासी है, जबकि अन्य आरोपी माला, नंदिनी, रिंकू और प्रिंस चौधरी चंदौली जिले के रहने वाले हैं। इनके पास से .315 बोर की देसी पिस्तौल, खाली कारतूस, चोरी का सामान और एक चोरी का ऑटो-रिक्शा बरामद किया गया है।
बच्चे का इस्तेमाल करके देते थे लूट को अंजाम
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लूट की वारदातों के लिए एक छोटे बच्चे का इस्तेमाल करता था। बच्चा ऑटो में यात्रियों के बीच बैठकर अचानक रोने लगता था और उल्टी या दस्त होने का नाटक करता था। इस स्थिति में यात्रियों का ध्यान भटक जाता था और उसी दौरान गैंग के अन्य सदस्य उनके बैग, मोबाइल और पर्स जैसे कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
यात्रियों को नहीं लगने देते थे भनक
गैंग की यह तरकीब इतनी प्रभावी थी कि कई बार यात्रियों को घटना का एहसास भी नहीं होता था। वे अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद ही समझ पाते थे कि उनका सामान चोरी हो चुका है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई दिनों से कानपुर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय था और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था।
आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में रहे हैं शामिल
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, सभी आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। हर आरोपी के खिलाफ अलग-अलग जिलों में 5 से 6 मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। गिरोह का सरगना अभिषेक ही पूरे ऑपरेशन को चलाता था।
घटना की जांच जारी
फिलहाल घायल आरोपी का इलाज जारी है और अन्य आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने सभी मामलों की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में गश्त और चेकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाया जा सके।
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