अमेरिका के न्याय विभाग(DOJ) ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैले हुए भारतीय मूल के संगठित नेटवर्क सॉरेंस बिश्नोई गैंग(Lawrence Bishnoi) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसके साथ ही अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाया है। इस ऑपरेशन का नाम है ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ जिसके जरिए अमेरिका, कनाडा और यूरोप के 50 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है।
गोल्डी बराड़ को लॉरेंस के इशारे पर काम करने वाला उसका साथी और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तर अमेरिका चीफ बताया गया है।आपको बता दें कि इस अभियान के तहत अभी तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि अमेरिका की संघीय अदालत में करीब 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग चार्जशीट दायर की गई हैं।
कई देशों तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था बल्कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। इस गिरोह पर रंगदारी, सुपारी, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी, किडनैपिंग, मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान अमेरिका के विभिन्न राज्यों से 13, कनाडा से 3 और स्पेन से 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया। सात अन्य आरोपी पहले से ही अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अभी 10 आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। छापेमारी के दौरान करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, 40 हजार अमेरिकी डॉलर नकद और 12 हथियार बरामद किए गए।
जेल में बैठकर ही चला रहा था पूरा नेटवर्क
अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए गए हैं कि वो भारत की जेल में बंद है और वहां रहने के बावजूद भी अवेध रूप से मोबाइल का इस्तेमाल करता रहा है। इसके साथ ही वह मोबाइल फोन और इंटरनेट के डरिए अपने नेटवर्क को गाइड कर रहा था। वहीं, जांच एजेंसियों कि तरफ से उस पर हत्या, रंगदारी, अपहरण और कई अलग-अलग तरह के क्राइम की प्लानिंग करने के आरोप लगाए गए हैं।
कई एजेंसियां आई एकसाथ
इस अभियान में FBI, RCMP, DEA, अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी, लॉस एंजिलिस पुलिस और स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों सहित कई अंतरराष्ट्रीय जांच संस्थानों ने भाग लिया। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ इस तरह की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।