TCS Nashik Case: नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े बीपीओ में जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को नासिक की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उसकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जमानत याचिका पर कोर्ट सख्त
निदा खान ने पिछले सप्ताह अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। अपनी याचिका में उसने गर्भवती होने का हवाला देते हुए राहत की मांग की थी। परिवार के अनुसार, वह तीन महीने की गर्भवती है। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता और चल रही जांच को ध्यान में रखते हुए उसे अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
निदा खान को गिरफ्तार करने का रास्ता हुआ साफ
अदालत के फैसले के बाद पुलिस के लिए निदा खान को गिरफ्तार करने का रास्ता और आसान हो गया है। फिलहाल वह फरार हैं और उनकी तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। जांच एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेकर लगातार छानबीन कर रही हैं।
कब होगी मामले की अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है। माना जा रहा है कि तब तक पुलिस आरोपी निदा खान को पकड़ने की कोशिश तेज करेगी और जांच में कई नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
TCS से निलंबित हुई निदा खान
उधर, टीसीएस ने भी आरोपी निदा खान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसे निलंबित कर दिया है। सामने आए सस्पेंशन लेटर के मुताबिक, 9 अप्रैल 2026 से निदा खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। लेटर में लिखा है कि निदा खान कंपनी में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी और उसने 27 दिसंबर 2021 को टीसीएस जॉइन किया था। कंपनी ने लेटर में कहा है कि उसके खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है और वह इस समय न्यायिक या पुलिस हिरासत में हैं। इसके चलते उसकी कंपनी नेटवर्क तक पहुंच रद्द कर दी गई है। साथ ही उसे कंपनी से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स वापस करने को कहा गया है।
ऑफिस और वर्क फ्रॉम होम पर भी लगाई रोक
टीसीएस ने साफ कह दिया है कि एचआर विभाग से अगला आदेश मिलने तक निदा खान न तो किसी कार्यालय में आएगी और न ही घर से काम करेगी। यह फैसला कंपनी की आंतरिक नीतियों और जांच की गंभीरता को ध्यान में रखकर लिया गया है। लेटर में उसे यह भी निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले को पूरी तरह गुप्त रखे और किसी अन्य कर्मचारी के साथ चर्चा न करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सहयोग न करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह सस्पेंशन आदेश पुणे, नासिक और गोवा के ब्रांच एचआर हेड शेखर कांबले द्वारा जारी किया गया है, जो इस मामले को लेकर कंपनी के कड़े रुख को दर्शाता है।
आरोपों से मुकरा परिवार
वहीं, निदा खान के माता-पिता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ झूठा और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला दर्ज किया गया है। परिवार का दावा है कि यह एक साजिश है। नासिक स्थित टीसीएस से जुड़े बीपीओ में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण रैकेट के आरोप सामने आने के बाद से यह मामला चर्चा में है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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