देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को भी महंगाई का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार(Sukhu Government) ने व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं पर नया सेस लगाने का फैसला किया है। ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अब कमर्शियल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली की हर यूनिट पर एक रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में 10 श्रेणियों को इस नए सेस के दायरे में रखा गया है। इनमें कारोबारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, प्राइवेट अस्पताल, पेट्रोल पंप, होटल और मोटल शामिल हैं। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम, रिसर्च संस्थान, कोचिंग सेंटर, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स को भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यानी इन सभी संस्थानों के बिजली बिल में अब सीधा इजाफा देखने को मिलेगा।
बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर
अधिसूचना में कहा गया है कि इस अतिरिक्त सेस की वसूली हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा की जाएगी। सरकार ने यह कदम हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी एक्ट 2009 की धारा 3-बी के तहत उठाया है। प्रशासन का तर्क है कि बिजली क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा असर
ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 25 लाख से अधिक है। इनमें घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक श्रेणियां शामिल हैं। वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में करीब 3.29 लाख कमर्शियल बिजली उपभोक्ता है जिन पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। नए सेस के बाद होटल, अस्पताल, मॉल और अन्य कारोबारी संस्थानों की परिचालन लागत बढ़ने की संभावना है जिसका असर आम लोगों तक भी पहुंच सकता है।