मंगलवार, 9 जून की सुबह राजकोट के हीरासर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक यात्री उड़ान के साथ अप्रत्याशित घटना घट गई। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान(Air India) एक पक्षी की चपेट में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए विमान को वापस एयरपोर्ट लाने का निर्णय लिया। समय रहते लिए गए इस फैसले के कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
बताया जा रहा है कि विमान में लगभग 124 यात्री और चालक दल के सदस्य मौजूद थे। राहत की बात यह रही कि सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
काम आई पायलट की सूझबूझ
बर्ड स्ट्राइक यानी पक्षी से टकराने की घटनाएं विमानन क्षेत्र में असामान्य नहीं मानी जातीं, लेकिन उड़ान के शुरुआती चरण में ऐसी घटना विशेष रूप से संवेदनशील होती है। जैसे ही पक्षी के टकराने का संकेत मिला, पायलट ने विमान के प्रदर्शन और इंजन की स्थिति का आकलन किया।
संभावित तकनीकी जोखिम को देखते हुए उन्होंने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और विमान को सुरक्षित रूप से वापस उतारने की प्रक्रिया शुरू की। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है।
जांच में सामने आया इंजन को नुकसान
विमान के एयरपोर्ट पर लौटने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने उसकी विस्तृत जांच की। प्रारंभिक निरीक्षण में पता चला कि पक्षी के टकराने से इंजन के फैन ब्लेड को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान सीमित स्तर का बताया जा रहा है लेकिन विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी तरह की क्षति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण विमान को तुरंत सेवा से हटाकर उसकी मरम्मत और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इंजीनियरिंग टीम प्रभावित हिस्सों की मरम्मत में जुटी हुई है ताकि विमान को पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में लाया जा सके।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद विमान को सीधे उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमानुसार विमान की विस्तृत तकनीकी जांच और निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न सिस्टम्स की कार्यक्षमता की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक परीक्षण भी किए जाएंगे। नागरिक उड्डयन क्षेत्र के निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के मुताबिक, विमान तभी दोबारा संचालन में शामिल किया जाएगा जब सभी जांच प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी हो जाएंगी और विशेषज्ञ उसकी उड़ान योग्यता को प्रमाणित कर देंगे।