कांग्रेस सांसद राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के खिलाफ दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में फिलहाल FIR दर्ज नहीं होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक दिन पहले दिए गए अपने आदेश पर ही रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना नोटिस जारी किए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश देना उचित नहीं है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।
कर्नाटक निवासी ने लगाए थे आरोप
यह मामला कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है जिसमें याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए थे। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पहले FIR दर्ज करने और मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।
बिना नोटिस FIR का आदेश न्यायसंगत नहीं
हालांकि, आदेश औपचारिक रूप से जारी होने से पहले ही न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने अपने फैसले की दोबारा समीक्षा की। पुनः परीक्षण के दौरान उन्हें वर्ष 2014 के एक पूर्व निर्णय का हवाला मिला, जिसमें कहा गया था कि ऐसे मामलों में पहले प्रस्तावित आरोपी को नोटिस देना अनिवार्य है। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि बिना नोटिस दिए FIR का आदेश देना न्यायसंगत नहीं है। परिणामस्वरूप, अदालत ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी और मामले को अगली सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दिया।