उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिक आंदोलन(Noida Violence) के दौरान हुई हिंसा को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने साजिशकर्ताओं की तलाश में नोएडा और दिल्ली के कई इलाकों में लगातार छापेमारी की। इस अभियान के दौरान अब तक करीब आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मामले के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। इसी के चलते नोएडा के अरुण विहार इलाके में संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई, जहां से कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की बात सामने आई है। इसके अलावा, दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेयरी क्षेत्रों में भी पुलिस ने छापे मारे क्योंकि जांच में इन इलाकों से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
छापेमारी में 6 संदिग्ध को हिरासत में लिया
छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के घरों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सभी की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा की साजिश कैसे रची गई और इसमें किन-किन लोगों की भागीदारी थी। फिलहाल छह लोगों को हिरासत में लेकर उनसे गहन पूछताछ जारी है।
आरोपी के ऊपर 1 लाख का था इनाम जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि पूरी घटना के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और गिरफ्तारियां संभव हैं। इस बीच, STF ने मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचाप्पली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।आदित्य आनंद के खिलाफ नोएडा के फेस-2 थाने में मामला दर्ज है और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसके
घोषित था 1 लाख का इनाम का इनाम
पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। जांच में पता चला कि वह तमिलनाडु में छिपकर रह रहा था, जहां से उसे ट्रैक कर दबोचा गया। अब उसे नोएडा लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।