पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख सदस्यों में शामिल सरदार अमन खान ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने भारत के जम्मू-कश्मीर, विशेष रूप से श्रीनगर, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख और करगिल के लोगों से भी इस आंदोलन के समर्थन की अपील की।
‘बुनियादी अधिकार मांगने पर हो रहा दमन’
वीडियो संदेश में सरदार अमन खान ने दावा किया कि पिछले एक महीने से PoK के लोगों को अपने बुनियादी अधिकारों की मांग करने पर दमन का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, लोगों पर अत्याचार, अन्याय और सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति रोक कर दी गई है, जिससे आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘ज्यादा से ज्यादा लोग आवाज उठाएं’
सरदार अमन खान ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सीमा के दोनों ओर रहने वाले कश्मीरियों और जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस आंदोलन के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य लोगों के अधिकारों और दमन के खिलाफ एकजुटता दिखाना है।
विपक्षी नेताओं की एंट्री रोकने का आरोप
इससे पहले 30 जून को JAAC ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी प्रशासन ने विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को PoK में प्रवेश करने से रोक दिया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक असहमति को दबाने का प्रयास बताया। JAAC ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने कई इलाकों में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित कर आम नागरिकों पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
2 जुलाई को नई दिल्ली में नेशनल एंटी-टेररिज्म फ्रंट इंडिया ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर PoK में मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की। इसी दौरान एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी एक बयान जारी कर पाकिस्तान पर शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों पर सख्ती बरतने और JAAC को प्रतिबंधित संगठन घोषित करने के फैसले की आलोचना की गई।
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