बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी वतन वापसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। करीब दो साल पहले सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रहीं शेख हसीना ने कहा है कि वह इसी साल बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने अपने खिलाफ आए अदालत के फैसलों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि अवामी लीग को नेता-विहीन बनाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
‘मेरे खिलाफ फैसला न्याय नहीं, राजनीतिक साजिश’
एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ अदालतों के फैसले न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की कार्रवाई हैं।उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ आया फैसला न्याय नहीं है। यह एक गैर-कानूनी, असंवैधानिक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है। अवामी लीग को नेता-विहीन बनाने के लिए न्यायपालिका का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसी कोशिशें पहले भी हुईं, लेकिन वे तब भी नाकाम रहीं और आगे भी नाकाम रहेंगी।”
मौत से नहीं डरती
शेख हसीना ने कहा कि उन्हें मौत का कोई डर नहीं है। उन्होंने 1975 में अपने पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान सहित परिवार के अधिकांश सदस्यों की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कई बड़ी त्रासदियां देखी हैं। उन्होंने कहा कि “1975 में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया। 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड हमला हुआ। मेरे खिलाफ कई साजिशें रची गईं, लेकिन मैं हर बार उनका सामना करती रही।” पूर्व प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि वह हर चुनौती और साजिश को पार करते हुए अपने देश लौटेंगी।
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