देश में सीमा प्रबंधन और सीमा पार व्यापार को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तेज़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 जून को अत्याधुनिक “लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम” (Land Port Management System) का शुभारंभ करेंगे। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय भूमि बंदरगाहों को एकीकृत करने का काम करेगा और उनकी कार्यप्रणाली को नई तकनीक से जोड़ देगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से भूमि बंदरगाहों पर होने वाली प्रक्रियाएं अधिक सुगम होंगी और यात्रियों तथा व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
नए सिस्टम के लागू होने के बाद भूमि बंदरगाहों पर कार्गो वाहनों और यात्रियों की आवाजाही से जुड़ी कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा सकेंगी। डिजिटल स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, रीयल-टाइम ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा होंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि दस्तावेजी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। व्यापारियों और परिवहन कंपनियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।
राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ेगा सिस्टम
लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। इनमें ICEGATE, ULIP और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे महत्वपूर्ण पोर्टल शामिल हैं। इस एकीकरण के जरिए सीमा प्रबंधन से जुड़े विभागों, एजेंसियों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सीमा पार व्यापार की गति तेज होगी और संचालन संबंधी चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी।
डॉकी और श्रीमंतपुर में नई सुविधाओं का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह मेघालय के डॉकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर भूमि बंदरगाहों में विकसित नई हितधारक आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन सुविधाओं का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना है।
भूमि बंदरगाहों से बढ़ा व्यापार
वर्तमान में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया देश के 15 अंतरराष्ट्रीय भूमि बंदरगाहों का संचालन कर रही है। बीते वर्षों में इन बंदरगाहों के माध्यम से होने वाले व्यापार और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
आंकड़ों की मानें तो भूमि बंदरगाहों के जरिए होने वाला आयात-निर्यात व्यापार लगभग 5,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,800 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वहीं कार्गो वाहनों की संख्या 1.1 लाख से बढ़कर 6.69 लाख हो गई है। यात्रियों की आवाजाही में भी तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 1.7 लाख से बढ़कर 25.8 लाख तक पहुंच गया है।
विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
सरकार इस परियोजना को “विकसित भारत” के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा मान रही है। तकनीक आधारित यह प्रणाली व्यापारिक गतिविधियों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ सीमा क्षेत्रों में दक्षता और सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगी।