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नेताजी का वो दूसरा प्यार… साधना का दर्द और अचानक प्रतीक का यूं दुनिया छोड़ जाना, कहानी पढ़कर नहीं थमेंगे आंसू

Mulayam Singh Yadav And Sadhna Gupta Love Story: आज सुबह समाजवादी पार्टी के संस्थापक और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन हो गया। आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद ही आपने ज्यादा सुन रखा हो। दरअसल, मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव उन्हें उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता से हैं।

क्या है साधना गुप्ता और मुलायम यादव की कहानी?

मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की प्रेम कहानी की शुरुआत अस्सी के दशक में हुई थी। उस समय साधना गुप्त समाजवादी विचारधारा से जुड़ी हुई थीं, जबकि मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बना रहे थे। बताया जाता है कि साधना की सादगी, समझदारी और व्यवहार ने मुलायम सिंह का दिल जीत लिया । धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं, लेकिन मुलायम सिंह यादव पहले से विवाहित थे, इसलिए इस रिश्ते को लंबे समय तक सबके सामने स्वीकार नहीं किया गया।

मां की सेवा ने रिश्ते को बनाया मजबूत

दोनों के रिश्ते में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी बीमार पड़ीं। उसी दौरान साधना गुप्ता ने अस्पताल में रहकर दिन-रात उनकी सेवा की। परिवार के साथ दिन-रात मौजूद रहकर उन्होंने भरोसा और अपनापन जीता। कहा जाता है कि साधना के इसी समर्पण ने मुलायम सिंह यादव को उनके और ज्यादा करीब ला दिया। यह वही समय था जब दोनों का रिश्ता और मजबूत हो गया और उनका प्यार परवान चढ़ने लगा।

पहली शादी के बाद मुलायम के करीब आईं साधना

यहां न सिर्फ मुलायम सिंह यादव बल्कि साधना गुप्ता भी पहले से शादीशुदा थीं। साधना गुप्ता की पहली शादी फर्रुखाबाद के एक व्यक्ति चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। खबरों के मुताबिक इस शादी से उनके बेटे प्रतीक यादव का जन्म हुआ। बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद साधना गुप्ता की मुलाकातें मुलायम सिंह यादव से बढ़ीं और दोनों करीब आते गए। हालांकि राजनीतिक दबाव और पारिवारिक परिस्थितियों की वजह से इस रिश्ते को लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया। साधना कई सालों तक लखनऊ में गुमनामी की जिंदगी जीती रहीं।

परिवार और पार्टी में चलता रहा विवाद

समाजवादी परिवार में इस रिश्ते को लेकर लंबे समय तक तनाव बना रहा। अखिलेश यादव अपनी मां मालती देवी के बेहद करीब माने जाते थे और वह पिता के इस रिश्ते को सहज रूप से स्वीकार नहीं कर पाए। परिवार के भीतर ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी में भी इस मुद्दे पर काफी खींचतान देखने को मिली। इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता और उनके बेटे प्रतीक यादव से दूरी नहीं बनाई।

मालती देवी के निधन के बाद सामने आया दूसरा परिवार

साल 2003 में मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी का निधन हो गया। इसके बाद साधना गुप्ता को परिवार में औपचारिक रूप से जगह मिलने की चर्चाएं तेज हो गईं। आखिरकार साल 2007 में अदालत में दाखिल एक हलफनामे के जरिए मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि साधना गुप्ता उनकी दूसरी पत्नी हैं और प्रतीक यादव उनके बेटे हैं। यह पहली बार था जब समाजवादी पार्टी के संस्थापक ने अपने दूसरे परिवार को आधिकारिक पहचान दी।

राजनीति से दूर रहे प्रतीक यादव

साधना गुप्ता राजनीति में कभी नजर नहीं आईं, लेकिन माना जाता था कि मुलायम सिंह यादव के कई अहम फैसलों में उनकी राय जरुरी होती थी। वहीं उनके बेटे प्रतीक यादव ने राजनीति से दूरी बनाकर बिजनेस की दुनिया को चुना। उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में रहीं हैं और बाद में बीजेपी में शामिल हो गईं।

साधना-मुलायम के निधन के बाद अकेले पड़ गए थे प्रतीक

साल 2022 में पहले साधना गुप्ता और फिर मुलायम सिंह यादव के निधन ने परिवार को बड़ा झटका दिया था। इन दोनों के जाने के बाद प्रतीक यादव काफी अकेले पड़ गए थे। अब प्रतीक यादव के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव के दूसरे परिवार से जुड़ा एक भावनात्मक अध्याय भी लगभग खत्म होता नजर आ रहा है। यही वजह है कि नेताजी, साधना गुप्ता और उनके परिवार की यह कहानी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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