जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे, जहां उनसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में पूछताछ की गई। ED ने उन्हें समन जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। विधायक के दफ्तर पहुंचने के दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहने नजर आए।
विजिलेंस केस के आधार पर शुरू हुई जांच
ED की कार्रवाई पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज मामले से जुड़ी हुई है। विजिलेंस ने रमन अरोड़ा पर आय से अधिक संपत्ति रखने समेत कई आरोप लगाए थे। इसी मामले को आधार बनाकर ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की है और अब वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अवैध वसूली और नोटिस जारी करने के आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, विधायक पर आरोप है कि उन्होंने एक सहायक टाउन प्लानर के साथ मिलकर कुछ भवन मालिकों को अवैध नोटिस जारी करवाए। इसके अलावा आरोप है कि सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई का डर दिखाकर मामलों को निपटाने के बदले पैसों की मांग की जाती थी। इन आरोपों की जांच पहले से चल रही है। विजिलेंस ब्यूरो ने रमन अरोड़ा के खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये से जुड़ा मामला दर्ज किया था। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुलिस हिरासत में भी भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है।
पहले भी दर्ज हो चुका है वसूली का केस
रमन अरोड़ा का नाम इससे पहले भी एक कथित अवैध वसूली मामले में सामने आ चुका है। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले वर्ष उनके खिलाफ एक केस दर्ज किया था। बाद में उन्होंने अदालत से जमानत हासिल कर ली थी। अब ईडी इस पूरे मामले में वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े तथ्यों की गहराई से जांच कर रही है।
Read More
‘तुम जेल जाते’, दोस्त बन गया दुश्मन? नेतन्याहू की किस बात से ‘रूठे’ डोनाल्ड ट्रंप

