Middle East Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान की ओर से औपचारिक प्रस्ताव नहीं आता, तब तक यह सीजफायर जारी रहेगा। उन्होंने इस सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दिया है।
इजरायल ने तैनात की सेना
ट्रंप के इस ऐलान के तुरंत बाद इजरायल की का रिएक्शन सामने आया है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने सेना को किसी भी स्थिति में तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि ईरान और लेबनान के साथ नाजुक संघर्ष विराम के बावजूद सेना हाई अलर्ट पर है और हर मोर्चे पर लड़ाई के लिए तैयार है।
सैनिकों को संबोधित करते हुए क्या बोले जमीर
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति आवास पर आयोजित समारोह में 120 उत्कृष्ट सैनिकों को संबोधित करते हुए जमीर ने कहा, ‘7 अक्टूबर की आग के बाद से, हम लगातार लड़ाई के जरिए अपनी सैन्य ताकत को फिर से बढ़ाने का काम कर रहे हैं।’ यह बयान तनाव के बीच सेना की रणनीति और तैयारी को बताता है।
गाजा और लेबनान में चल रहे अभियान का किया जिक्र
जमीर ने गाजा में चल रहे अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने हमास के खिलाफ लड़ाई में जीत हासिल की और इस कमांड को बनाए रखा हमने किसी को नहीं बख्शा।’ उन्होंने आगे बताया कि उत्तरी इलाकों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लेबनान में भी इजरायली सेना जोरदार कार्रवाई कर रही है।
ईरान के खिलाफ भी तैयारी पूरी
ईरान के साथ जून 2025 और हाल ही में हुए 40 दिनों के संघर्ष का जिक्र करते हुए जमीर ने कहा, ‘ईरान के खिलाफ लड़ाई में भी ऐसा ही है. इस समय, आईडीएफ पूरी तरह अलर्ट और तैयार है, और सभी सेक्टरों में तुरंत और पूरी ताकत से लड़ने के लिए तत्पर है.’ यह बयान क्षेत्र में संभावित बड़े टकराव की आशंका को और बढ़ाता है।
ईरान की ओर से भी आया रिएक्शन
इसी बीच ईरान ने भी अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए कड़ा संदेश दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्थापना वर्षगांठ पर ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातामी ने अपनी सेना की क्षमता और भूमिका की सराहना की।
ईरानी ने दी चेतावनी
हातामी ने कहा, ‘आठ साल के ‘पवित्र’ युद्ध और इजरायली-अमेरिकी शासन की ओर से थोपी गई जंग में आईआरजीसी ने सशक्त भूमिका निभाई। इस दौरान संस्था की सेनाओं की क्षमता, बुद्धिमत्ता और जिहादी भावना को प्रदर्शित किया गया।’ उन्होंने यह भी कहा कि इस भूमिका ने दुनिया के सामने ईरान की रक्षा क्षमता को साबित किया है। ईरानी कमांडर ने आगे कहा कि आईआरजीसी, सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर अयातुल्ला सैयद मुज्तबा खामेनेई के नेतृत्व में देश की क्षेत्रीय अखंडता की हर हाल में रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं और किसी भी समय स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।
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