हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसका समापन राम नवमी के पर्व के साथ होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से देवी मां की आराधना करते हैं। नवरात्रि की नवमी तिथि को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रतीक है।
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर जन्म लिया था। इसलिए इस दिन भगवान राम की पूजा और व्रत करने से सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। वहीं नवरात्रि के दौरान अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है। इस साल कई लोगों के मन में यह सवाल है कि राम नवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी या 27 मार्च को। आइए जानते हैं इसकी सही तिथि और कन्या पूजन का शुभ दिन।
कब है राम नवमी 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी 26 मार्च 2026 की तारीख, गुरुवार को सुबह 11 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी और 27 मार्च 2026, शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 08 मिनट तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के मुताबिक राम नवमी का पर्व उस दिन मनाना श्रेष्ठ माना जाता है, जब मध्याह्न काल (दोपहर) में नवमी तिथि मौजूद हो।
ऐसे में 27 मार्च को दोपहर के समय नवमी तिथि नहीं रहेगी, इसलिए 26 मार्च 2026 को राम नवमी मनाना अधिक शास्त्रसम्मत और उचित माना गया है। हालांकि उदया तिथि के आधार पर कुछ लोग 27 मार्च को भी इस पर्व का पालन कर सकते हैं। इसी दिन चैत्र नवरात्रि का समापन भी होगा।
कब किया जाएगा कन्या पूजन?
नवरात्रि में कन्या पूजन, जिसे कुमारी पूजा भी कहा जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। इसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। इस वर्ष अष्टमी तिथि 25 मार्च को पड़ रही है। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, इसलिए इस दिन भी कन्या पूजन किया जा सकता है।वहीं नवमी तिथि 26 मार्च को है और इस दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। कई श्रद्धालु इस दिन भी कन्या पूजन करते हैं। इस प्रकार, इस साल 25 मार्च (अष्टमी) और 26 मार्च (नवमी)-दोनों ही दिन कन्या पूजन के लिए शुभ माने जा रहे हैं।
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