पश्चिम बंगाल की फल्ता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल अचानक बदल गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बड़ा ऐलान करते हुए खुद को चुनावी मुकाबले से अलग कर लिया। ‘पुष्पा’ नाम से चर्चित जहांगीर खान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब वह यह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
“फल्ता के विकास के लिए मिला विशेष पैकेज”
जहांगीर खान ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से फल्ता क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए उन्होंने चुनाव से पीछे हटने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है या उन्होंने खुद यह कदम उठाया है।
EVM पर रहेगा नाम और चुनाव चिन्ह
हालांकि जहांगीर खान ने चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दी है, लेकिन चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक अब उनका नाम और चुनाव चिन्ह EVM से हटाया नहीं जा सकता। दरअसल, नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पहले ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में मतदान मशीन पर उनका नाम बना रहेगा, भले ही उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर चुनावी मुकाबले से दूरी बना ली हो।
BJP कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच फल्ता में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रोड शो के दौरान समर्थकों ने भगवा गुलाल उड़ाकर खुशी जाहिर किए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जहांगीर खान के अचानक पीछे हटने से उपचुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
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