जयपुर(Jaipur) के खो नागोरियान थाना क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की जान चली गई जिसके बाद प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना की शुरुआती जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में खो नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश मातवा सहित कुल आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इनमें हेड कांस्टेबल और कई कांस्टेबल स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक निगरानी और कार्रवाई की गई होती तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता था।
बीट स्तर के कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
घटना सामने आने के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। संबंधित क्षेत्र की निगरानी और सूचना तंत्र में संभावित चूक को देखते हुए बीट स्तर पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ भी कदम उठाए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उच्चस्तरीय समिति करेगी पूरे मामले की जांच
पुलिस प्रशासन ने इस हादसे की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष जांच समिति गठित की है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति विस्फोट के कारणों, गोदाम के संचालन की परिस्थितियों, स्थानीय प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति का विस्तृत अध्ययन करेगी।
साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि अवैध रूप से संचालित इस गोदाम की जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी या नहीं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पूरे शहर में चलेगा विशेष अभियान
हादसे के बाद प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। जयपुर के सभी पुलिस जिला अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियों, गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करें। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि संचालित न हो सके।