Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। जिस व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगी थी, उसे ध्वस्त करने के लिए आज डिमोलिशन ऑर्डर जारी किया जाएगा। प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को कार्रवाई का आधार बनाया है।
जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां
अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित इस व्यावसायिक भवन में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लगी थी। आग पर काबू पाने में करीब छह घंटे का समय लगा था और इस हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई थी। जांच के दौरान पता चला कि भवन नक्शे के उल्ट बनाया गया था। इसके अलावा इमारत में फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए थे, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी जांच अभी जारी है। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भवन निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
14 दिन का मिलेगा अंतिम मौका
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया, ‘हवाई निर्माण करने वाले को जो नोटिस दिया गया था, उसका समय समाप्त हो गया है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन कोर्ट में इस पर सुनवाई होगी। डिमोलिशन ऑर्डर कटेगा, जिसमें 14 दिन का वक्त दिया जाएगा कि, निर्माणकर्ता अपना निर्माण खुद गिरा दे।’
निर्धारित समय के बाद खुद कार्रवाई करेगा LDA
LDA के अनुसार, यदि निर्धारित 14 दिनों के भीतर भवन मालिक स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाता है, तो 15वें दिन लखनऊ विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों के साथ इमारत को ध्वस्त करेगा। प्राधिकरण ने साफ किया है कि अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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