पश्चिम एशिया में घोषित संघर्ष विराम के बावजूद हालात फिर तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर लगातार दूसरे दिन हमले की खबर सामने आई है। यूएई का कहना है कि ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन(Iran drone attack) हमले किए गए जिनका जवाब देने के लिए उसका एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिया गया।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि जो तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे दरअसल बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की कार्रवाई का हिस्सा हैं। इससे पहले सोमवार को भी यूएई ने दावा किया था कि उसने ईरान की ओर से दागी गई 15 मिसाइलों और चार ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोक लिया था।
युद्ध विराम के बाद UAE बना निशाना
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में प्रयास कर रहा है। 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद यह पहला मौका है जब यूएई को इस तरह निशाना बनाया गया है।
इस बीच, एक ड्रोन हमले के कारण फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन में भीषण आग लगने की खबर है, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। वहीं, यूएई के अधिकारियों के मुताबिक अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी के एक खाली कच्चे तेल के टैंकर को भी निशाना बनाया गया, जब वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया दावा
इन घटनाओं पर ईरान की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि एक बयान में उसने इसके लिए अमेरिका की सैन्य नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की समुद्री ताकत काफी कमजोर हो चुकी है और उसके कई जहाज नष्ट हो चुके हैं।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उनके मुताबिक, मौजूदा समय में ईरान खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है।