Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय सभी मजदूर काम खत्म करने के बाद पुल के नीचे सो रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
कैसे गिरा पुल?
स्थानीय लोगों के मुताबिक रात में अचानक तेज आंधी और तूफान शुरू हो गया था। इसी दौरान पुल का पिलर और निर्माणाधीन हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि गहरी नींद में सो रहे मजदूरों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। भारी मलबे के नीचे दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मजदूर बांदा और हमीरपुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
SDRF और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों के मुताबिक अभी भी कम से कम 3 मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश लगातार जारी है। राहत और बचाव कार्य के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
मौके की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है। मलबा काफी भारी और गहरा होने की वजह से रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे के बाद मजदूरों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
सांसद के प्रयासों से बन रहा था पुल
बताया जा रहा है कि यह पुल कुरारा क्षेत्र में मोरकंदर परसानी से नैथी गांव को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इस परियोजना के लिए राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। पुल बनने से इलाके के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
तकनीकी जांच के लिए बुलाई गई टीम
पुल का हिस्सा अचानक कैसे गिर गया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने मौके पर टेक्निकल टीम को बुलाया है, जो निर्माण सामग्री, डिजाइन और पिलर की मजबूती की जांच करेगी। फिलहाल जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर रखी गई है।
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