Google Privacy: आजकल डिजिटल प्राइवेसी लोगों के लिए सबसे बड़ी टेंशन बनी हुई है। Google की नई Search Services History सुविधा को लेकर भी इसी वजह से चर्चा तेज हो गई है। अगर आप Google पर फोटो, ऑडियो या अन्य मीडिया फाइलें सर्च या अपलोड करते हैं, तो कुछ परिस्थितियों में यह डेटा सेव किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य अपनी सेवाओं और AI तकनीक को बेहतर बनाना है, लेकिन कई यूजर्स इसे प्राइवेसी के लिहाज से गलत मान रहे हैं।
Google Lens समेत कई फीचर्स पर लागू
Google ने यूजर्स को Google Lens जैसी सुविधा दी है, जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति फोटो या ऑडियो अपलोड करके उससे जुड़ी जानकारी पा सकता है। अब नए Search Services History फीचर के तहत कुछ मामलों में इन मीडिया फाइलों को रिकॉर्ड किया जा सकता है। यह सुविधा Google Search, Google Lens, Search Live, Google Shopping, Google Maps, Google Translate, Google News और Google Flights जैसी सुविधाओं पर लागू हो सकती है।
डेटा का किस काम में होता है इस्तेमाल
कंपनी के अनुसार, सेव किए गए डेटा का इस्तेमाल यूजर अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इस जानकारी का उपयोग AI मॉडल को ट्रेन करने में भी किया जा सकता है, ताकि भविष्य में AI पहले से अधिक स्मार्ट और प्रभावी तरीके से काम कर सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जानकारी चार साल तक सेव रखी जा सकती है। हालांकि Google का कहना है कि यूजर्स चाहें तो इस सुविधा को कभी भी बंद कर सकते हैं।
ऐसे बंद कर सकते हैं यह सुविधा
अगर आपके Android फोन पर Google की ओर से इस फीचर से जुड़ा नोटिफिकेशन दिखाई देता है, तो उसे बंद करना आसान है। इसके लिए नोटिफिकेशन में दिए गए Manage Settings ऑप्शन पर टैप करें। इसके बाद नीचे स्क्रॉल करें और Disable ऑप्शन चुनकर मीडिया फाइलों को सेव करने वाले फीचर को बंद कर दें।
प्राइवेसी सेटिंग्स पर रखें नजर
AI आधारित सर्विस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच यूजर्स का डेटा पहले से ज्यादा अहम हो गया है। ऐसे में समय-समय पर Google Account की प्राइवेसी सेटिंग्स और एक्टिविटी हिस्ट्री की जांच करते रहना जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके अकाउंट में कौन-कौन सी जानकारी सेव हो रही है और किन गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
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