पंजाब की राजनीति में प्रभावशाली मंत्री रहे संजीव अरोड़ा को राहत नहीं मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की फर्जी GST घोटाले से जुड़े मामले में उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है। गुरुग्राम स्थित विशेष PMLA कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ED को आगे पूछताछ की अनुमति दे दी। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में कई वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध कंपनियों से जुड़े अहम सुराग सामने आए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।
छापेमारी के बाद हुई थी गिरफ्तारी
ED ने 9 मई को चंडीगढ़ स्थित संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर लंबी छापेमारी की थी। पूरे दिन चली कार्रवाई के बाद देर शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें शुरुआती सात दिनों की ईडी कस्टडी में भेजा था।
रिमांड खत्म होने पर ED ने अदालत में कहा कि जांच के दौरान कई नए सबूत मिले हैं और फर्जी इनवॉइस व शेल कंपनियों के नेटवर्क की पड़ताल अभी बाकी है। एजेंसी ने आगे पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
शेल कंपनियों और फर्जी बिलिंग की जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक मामले में कई कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेन-देन और फर्जी GST बिलिंग का इस्तेमाल किया गया। ED अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले में किन-किन लोगों और कंपनियों की भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज
संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग संभाल चुके हैं और उन्हें सरकार के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता रहा है। उनकी गिरफ्तारी और बढ़ती कानूनी मुश्किलों ने राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है।
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