अमृतसर में शनिवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब में विशेष धार्मिक समागम का आयोजन हुआ। इस विशेष मौके पर लाखों श्रद्धालुओं ने माथा टेका और वर्ष 1984 की घटनाओं में बलिदानी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज सिख समुदाय को दिया संदेश
सुबह धार्मिक समागम के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सिख समुदाय के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने संगत को एकता, धार्मिक मूल्यों और पंथक परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया। इस समागम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। इस दौरान संगत के बीच जरनैल सिंह भिंडरांवाले से जुड़े पोस्टर भी बांटे गए। श्रद्धालु इन पोस्टरों को हाथों में लेकर परिसर में बैठे दिखाई दिए और उस दौर में बलिदानी लोगों को याद किया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
इस धार्मिक आयोजन को देखते हुए अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इतंजाम किए गए। श्री अकाल तख्त साहिब परिसर के आसपास पंजाब पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के करीब 4,000 जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से भी 1,000 से अधिक टास्क फोर्स कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर वाहनों की जांच की जा रही है।
1984 में चला था ऑपरेशन ब्लू स्टार
ऑपरेशन ब्लू स्टार जून 1984 में भारतीय सेना द्वारा चलाया गया सैन्य अभियान था। यह अभियान 1 जून से 8 जून 1984 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्देश पर संचालित किया गया था। सेना का उद्देश्य श्री हरमंदिर साहिब परिसर में मौजूद जरनैल सिंह भिंडरांवाले और उनके समर्थकों को बाहर निकालना था।
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