पटना में छात्रों के प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को हुए बवाल के मामले में कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा करीब 40 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर आगे भी गिरफ्तारी की जाएगी।
CCTV फुटेज के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो, CCTV फुटेज और घटनास्थल की वीडियोग्राफी की मदद से प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया था। इसके अलावा सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और आम लोगों के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई थीं, जिनकी जांच की जा रही है।
CM आवास के पास भी हुआ हंगामा
जांच एजेंसियों के अनुसार प्रदर्शनकारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास के नजदीक तक पहुंच गए थे, जहां भी हंगामा और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई। घटना के बाद कदमकुआं, गांधी मैदान, बोरिंग रोड समेत कई इलाकों में पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इतने बड़े प्रदर्शन की योजना कैसे बनाई गई, हिंसा किन परिस्थितियों में भड़की और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही। प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों के पहचान की भी जांच की जा रही है।
कंटेंट क्रिएटर्स के भूमिका की जांच
जांच के दायरे में सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कुछ कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका भी शामिल है। पुलिस को आशंका है कि छात्र आंदोलन की आड़ में बड़ी संख्या में उपद्रवी भी भीड़ का हिस्सा बन गए थे, जिससे प्रदर्शन हिंसक हो गया। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह जानकारी सामने आई है कि प्रदर्शन को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिए बड़ी संख्या में कंटेंट क्रिएटर्स सक्रिय थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या विभिन्न कोचिंग संस्थानों के छात्रों को बहला-फुसलाकर प्रदर्शन में शामिल किया गया था।
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