Falta Assembly Election Result: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की 144-फलता विधानसभा सीट का रिजल्ट आज घोषित किया जाएगा। इस सीट पर हुए दोबारा मतदान के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। चुनाव आयोग के आदेश पर फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग स्टेशनों पर रीपोलिंग कराई गई थी। आज यह साफ हो जाएगा कि इस हाई प्रोफाइल सीट पर जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है।
चुनाव आयोग ने क्यों कराया था रीपोल?
फलता सीट पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ था। इस दौरान कई बूथों पर गड़बड़ी और चुनावी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों को गंभीर मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। इसके अलावा पश्चिम मगराहाट और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर भी रीपोलिंग हुई थी।
रीपोलिंग में दिखा रिकॉर्ड मतदान
21 मई 2026 को हुई दोबारा वोटिंग शांतिपूर्ण तरह से पूरी हुई। प्रशासन के मुताबिक, किसी भी मतदान केंद्र से हिंसा या तनाव की कोई शिकायत नहीं मिली। फलता सीट पर रीपोलिंग के दौरान 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई बूथों पर शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद भी मतदाता कतारों में खड़े दिखाई दिए। इससे साफ पता चलता है कि वोटरों में चुनाव को लेकर भारी उत्साह था।
काउंटिंग सेंटरों पर कड़ी सुरक्षा
मतगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। काउंटिंग सेंटरों पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सुबह से ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस और उसके उम्मीदवार जहांगीर खान की मौजूदगी काफी कम देखने को मिली। जहांगीर खान पहले ही चुनाव से हटने का ऐलान कर चुके थे, हालांकि तकनीकी कारणों से उनका नाम ईवीएम में बना रहा और मतदाताओं ने उनके नाम पर वोट डाले।
2021 में TMC ने दर्ज की थी बड़ी जीत
2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के शंकर कुमार नास्कर ने बीजेपी के बिधान परुई को 40,774 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। उस चुनाव में फलता सीट पर 87.2 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं 2026 के चुनाव में शुरुआती मतदान के दौरान 88.78 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। अब रीपोलिंग के बाद हुए मतदान का असर नतीजों पर कितना पड़ेगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
देबंगशु पांडा-जहांगीर खान पर टिकी नजर
फलता सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। रीपोलिंग के बाद राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चाएं तेज हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जनता का भरोसा किस उम्मीदवार के पक्ष में जाता है और फलता विधानसभा सीट पर जीत का परचम कौन लहराता है।
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