केरल(Kerala) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हुए कथित हमले के बाद मामला काफी गंभीर हो गया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल करीब 300 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना उस समय हुई जब ईडी अधिकारी एक छापेमारी की कार्रवाई पूरी कर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई थी। जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने राज्य में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की थी।
जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद जब अधिकारी वहां से निकल रहे थे तभी बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित तौर पर अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों पर हमला कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने अधिकारियों को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों पर अवैध रूप से भीड़ जुटाने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और हमला करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी गई है जिसे इस मामले का सबसे गंभीर आरोप माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमला करने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ED अधिकारियों और जवानों को लगी चोटें
एफआईआर के मुताबिक, हमले के दौरान ईडी टीम के कुछ अधिकारियों को चोटें आईं। एक अधिकारी के हाथ में गंभीर चोट बताई गई है, जबकि वाहन चालक भी घायल हुआ। सुरक्षा में तैनात CRPF और केरल पुलिस के जवानों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई है।
घटना के दौरान कुछ सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, वाहनों और अन्य सरकारी संपत्ति को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा है।
किस मामले में हुई थी छापेमारी?
बताया जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई एक कथित वित्तीय लेनदेन मामले से जुड़ी थी। जांच एजेंसी कुछ कंपनियों और कारोबारी लेनदेन की पड़ताल कर रही है, जिनका संबंध पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के परिवार से जोड़ा जा रहा है।
इसी सिलसिले में राज्य के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई सुबह शुरू हुई और कई घंटों तक चली। अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं।
की जाएगी निष्पक्ष जांच
फिलहाल पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। घटनास्थल के वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों की मदद से आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।