भारत और पेरू के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत के जल्द पूरी होने की संभावना नहीं है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच मार्केट एक्सेस (बाज़ार तक पहुंच) से जुड़े कई मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
मार्केट एक्सेस: एक बड़ी बाधा
17वीं TiE-BIZ इंटरनेशनल B2B प्रदर्शनी के दौरान मीडिया से बात करते हुए, पीयूष गोयल ने बताया कि कुछ संवेदनशील उत्पाद ऐसे हैं जिनके लिए भारत पेरू को मार्केट एक्सेस नहीं दे सकता। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच FTA पर बातचीत उम्मीद के मुताबिक तेज़ी से आगे नहीं बढ़ रही है।
2017 से चल रही है बातचीत
भारत और पेरू के बीच FTA के लिए बातचीत 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देश व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए इस समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।
व्यापार में ज़बरदस्त बढ़ोतरी
इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और पेरू के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में दर्ज 5.98 अरब डॉलर की तुलना में लगभग 67.5 प्रतिशत की वृद्धि है।
भारत का व्यापार घाटा बरकरार
पिछले वित्त वर्ष में पेरू के साथ भारत का व्यापार घाटा 7.47 अरब डॉलर था। भारत मुख्य रूप से पेरू को मोटर वाहन, सूती धागा और दवाएं निर्यात करता है, जबकि वहां से सोना और तांबे का अयस्क आयात करता है। सरकार का कहना है कि लंबित मुद्दों के समाधान के बाद ही FTA को अंतिम रूप दिया जाएगा।

