Back Button Hijacking: गूगल ने इंटरनेट यूजर्स के अनुभव को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए बैक बटन हाईजैकिंग पर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। कंपनी ने इस तकनीक को स्पैम और malicious प्रैक्टिस बताते हुए इसे गलत बताया है।
क्या है बैक बटन हाईजैकिंग?
बैक बटन हाईजैकिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें कुछ वेबसाइट्स यूजर के ब्राउजर कंट्रोल में दखल देती हैं। आमतौर पर यूजर बैक बटन दबाकर पिछले पेज पर लौटना चाहता है, लेकिन इस तकनीक के चलते वह उसी साइट पर फंसा रहता है या किसी अनजान पेज पर पहुंच जाता है।
कैसे काम करती है यह ट्रिक?
इस प्रक्रिया में वेबसाइट्स खास तरह के स्क्रिप्ट या कोड का इस्तेमाल करती हैं, जिससे यूजर का नेविगेशन कंट्रोल प्रभावित होता है। कई बार यूजर को जबरन विज्ञापन दिखाए जाते हैं या उसे ऐसी साइट्स पर भेजा जाता है, जहां वह पहले कभी नहीं गया होता।
गूगल क्यों कर रहा है बैन?
गूगल का कहना है कि यूजर एक्सपीरियंस सबसे अहम है। बैक बटन हाईजैकिंग यूजर के भरोसे को तोड़ता है और उसे भरम डालता है। इससे यूजर की इच्छायें और वास्तविक अनुभव में अंतर पैदा होता है, जो प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है।
वेबसाइट्स पर क्या होगा असर
अब जो वेबसाइट्स इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनकी सर्च रैंकिंग कम की जा सकती है या उन पर मैनुअल एक्शन लिया जा सकता है।
कब से लागू होगा नियम
गूगल का यह नया नियम 15 जून 2026 से लागू किया जाएगा। कंपनी ने वेबसाइट मालिकों को बदलाव के लिए समय भी दिया है ताकि वे अपनी साइट्स को इस नीति के अनुसार अपडेट कर सकें।
वेबसाइट मालिकों के लिए निर्देश
गूगल ने साफ किया है कि वेबसाइट्स को ऐसी किसी भी स्क्रिप्ट या तकनीक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो यूजर को बैक बटन इस्तेमाल करने से रोके। यदि किसी साइट में पहले से यह फीचर मौजूद है, तो उसे तुरंत हटाना जरूरी है।
यूजर एक्सपीरियंस पर पड़ेगा असर
बैक बटन देखने में छोटी तकनीक लग सकती है, लेकिन यह यूजर के अनुभव को खराब कर देती है। ऐसे में गूगल का यह कदम इंटरनेट को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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