अयोध्या में राम मंदिर(Ayodhya Ram Mandir) चढ़ावे से जुड़े चंदा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) की टीम ने बुधवार को शहादतगंज क्षेत्र में स्थित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और पूरे परिसर का माप लिया। अधिकारियों के मुताबिक, ये मकान लगभग 100 प्रतिशत प्लॉट कवरेज के दायरे में पाया गया है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
इस मामले में जांच के तहत पुलिस ने पड़ोसी से पूछताछ की है। पुलिस ने पड़ोसी राजकुमार पांडे से करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब किए। पुलिस ने उनसे लवकुश मिश्रा की पहचान, उनसे बातचीत, कब से जानते हैं?, उसने कब मकान लिया?, किससे लिया और कितने में लिया? ऐसे कई सारे सवालों के जवाब जुटाए। इसके अलावा निर्माण की शुरुआत और वहां आने-जाने वाले लोगों को लेकर भी पूरी पूछताछ हुई है।
18,000 रुपये मासिक वेतन पर कर रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, आरोपी लवकुश मिश्रा लगभग 18,000 रुपये मासिक वेतन पर मंदिर में काम करता था इसके बावजूद वह करीब 1000 वर्ग फुट में दो मंजिला भव्य मकान का निर्माण करवा रहा था। मकान में नीचे तीन कमरे और अटैच्ड बाथरूम बनाए गए हैं जबकि ऊपर के फ्लोर पर भी तीन कमरे, एक लग्जरी सुइट और अलग लिविंग एरिया तैयार किया गया है। वहीं, तीसरी मंजिल के लिए भी तैयारी चल रही थी जिसके लिए ढांचे का काम भी शुरू हो चुका था।
नवंबर में हुई थी प्लॉट की रजिस्ट्री
जानकारी के मुताबिक, नवंबर में प्लॉट की रजिस्ट्री हुई थी जिसके बाद फरवरी से निर्माण कार्य शुरू किया गया। मई तक दो मंजिलों का अधिकांश काम पूरा हो चुका था। जमीन की कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है हालांकि दस्तावेजों में इसे करीब 8 लाख रुपये दर्शाया गया है। यह प्लॉट लवकुश मिश्रा ने अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम पर खरीदा था। मामले में प्रशासन अब पूरे निर्माण और वित्तीय स्रोतों की गहन जांच कर रहा है।