राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी के नाम पर बने मकान के कथित अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है। नोटिस में निर्माण से जुड़े दस्तावेज और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी गई है। वहीं, पुलिस भी चंदा चोरी मामले की जांच को तेज कर चुकी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।
इस मामले में जांच के तहत पुलिस ने पड़ोसी से पूछताछ की है। पुलिस ने पड़ोसी राजकुमार पांडे से करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब किए। पुलिस ने उनसे लवकुश मिश्रा की पहचान, उनसे बातचीत, कब से जानते हैं?, उसने कब मकान लिया?, किससे लिया और कितने में लिया? ऐसे कई सारे सवालों के जवाब जुटाए। इसके अलावा निर्माण की शुरुआत और वहां आने-जाने वाले लोगों को लेकर भी पूरी पूछताछ हुई है।
18,000 रुपये मासिक वेतन पर कर रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, आरोपी लवकुश मिश्रा लगभग 18,000 रुपये मासिक वेतन पर मंदिर में काम करता था इसके बावजूद वह करीब 1000 वर्ग फुट में दो मंजिला भव्य मकान का निर्माण करवा रहा था। मकान में नीचे तीन कमरे और अटैच्ड बाथरूम बनाए गए हैं जबकि ऊपर के फ्लोर पर भी तीन कमरे, एक लग्जरी सुइट और अलग लिविंग एरिया तैयार किया गया है। वहीं, तीसरी मंजिल के लिए भी तैयारी चल रही थी जिसके लिए ढांचे का काम भी शुरू हो चुका था।
नवंबर में हुई थी प्लॉट की रजिस्ट्री
जानकारी के मुताबिक, नवंबर में प्लॉट की रजिस्ट्री हुई थी जिसके बाद फरवरी से निर्माण कार्य शुरू किया गया। मई तक दो मंजिलों का अधिकांश काम पूरा हो चुका था। जमीन की कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है हालांकि दस्तावेजों में इसे करीब 8 लाख रुपये दर्शाया गया है। यह प्लॉट लवकुश मिश्रा ने अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम पर खरीदा था। मामले में प्रशासन अब पूरे निर्माण और वित्तीय स्रोतों की गहन जांच कर रहा है।