सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि भारत “ऑपरेशन सिंदूर 2.0”(Operation Sindoor 2.0) की संभावित परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की गतिविधियों के जवाब में जो सैन्य रुख अपनाया गया था वह अभी भी जारी है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी गई है। ANI को दिए बयान में उन्होंने मौजूदा स्थिति को “दुश्मनी में अस्थायी विराम” बताते हुए कहा कि सुरक्षा बल लगातार चौकसी बनाए हुए हैं।
तीनों सेनाओं की संयुक्त तैयारी पर जोर
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना के साथ-साथ वायुसेना और नौसेना भी किसी भी संभावित स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भविष्य में किसी नए सैन्य अभियान की आवश्यकता पड़ती है तो तीनों सेनाएं संयुक्त रूप से कार्रवाई करने में सक्षम हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी चुनौती का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया जा सके।
“ऑपरेशन सिंदूर 2.0” को लेकर सतर्कता जारी
सेना प्रमुख ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” को लेकर तैयारियां अभी प्रारंभिक और रणनीतिक स्तर पर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सेना 24 घंटे सक्रिय स्थिति में रहकर भविष्य की किसी भी परिस्थिति के लिए खुद को तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।
जनरल द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का युद्धक्षेत्र काफी जटिल और पारदर्शी हो चुका है जहां हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। इसी कारण सेना को अपनी तैनाती, संसाधनों के उपयोग और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अत्यधिक सतर्क रहना होगा।
सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क
सेना प्रमुख के अनुसार, मौजूदा हालात में भारतीय सुरक्षा बल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर तैयारी जारी है।