UP News : भदरसा दुष्कर्म कांड में कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, आरोपी को हुई 20 साल की हुई सजा
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चर्चित भदरसा दुष्कर्म मामले में गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। पॉक्सो प्रथम न्यायालय ने मुख्य आरोपी के रूप में नामजद नौकर राजू खान को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चर्चित भदरसा दुष्कर्म मामले में गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। पॉक्सो प्रथम न्यायालय ने मुख्य आरोपी के रूप में नामजद नौकर राजू खान को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया।
DNA रिपोर्ट ने खोली पोल
मामले में निर्णायक भूमिका DNA जांच ने निभाई। जांच के दौरान मोईद खान और नौकर राजू खान दोनों का DNA टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दुष्कर्म के मामले में मोईद खान का DNA मेल नहीं खाता, जबकि राजू खान का DNA पॉजिटिव पाया गया। इसी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर अदालत ने राजू खान को दोषी ठहराया।
यह मामला तब सामने आया था, जब नाबालिग पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी मिली। घटना के बाद योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर कार्रवाई भी करवाई थी।
कैसे बरी हुए सपा नेता मोईद खान ?
मोईद खान के अधिवक्ता शाहिद खान ने फैसले के बाद बताया कि अदालत में ट्रायल के दौरान मोईद खान के खिलाफ लगाए गए अधिकांश आरोप साबित नहीं हो सके। FIR में दुष्कर्म की घटना बेकरी में होना बताया गया था, जबकि जांच के दौरान पीड़िता के बयान के आधार पर घटनास्थल को एक सुनसान खेत बताया गया, जो बेकरी से काफी दूर था। इसके अलावा मोबाइल फोन से वीडियो बनाए जाने के आरोप भी फॉरेंसिक जांच में गलत पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जिस मोबाइल की बात की गई थी, उससे कोई वीडियो नहीं बनाया गया था। हालांकि पीड़िता ने अपने धारा 164 के बयान में मोईद खान पर आरोप लगाए थे, लेकिन वे आरोप ठोस सबूतों के अभाव में अदालत में साबित नहीं हो सके।
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