SC ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक, 19 मार्च तक आयोग से मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने कहा कि इन नियमों का गलत इस्तेमाल होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब देने और एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया।

Jan 29, 2026 - 13:17
Jan 29, 2026 - 13:39
 7
SC ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक, 19 मार्च तक आयोग से मांगा जवाब
Supreme Court on UGC

यूजीसी के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इन्हें फिलहाल रोक दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि यूजीसी के नए रेगुलेशन न सिर्फ अस्पष्ट हैं, बल्कि इनके गलत इस्तेमाल की आशंका भी बनी हुई है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च तय की है।

2012 के पुराने नियम फिर से लागू

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक 2012 में बनाए गए पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नए रेगुलेशन में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, वे भ्रम पैदा करते हैं और इससे दुरुपयोग का रास्ता खुल सकता है।

वहीं जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अदालत का मकसद समाज में निष्पक्षता और समावेशिता को बनाए रखना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से ही “3E” का प्रावधान मौजूद है, तो फिर “2C” को लागू करने की जरूरत और प्रासंगिकता क्या है।

कोर्ट की सख्त टिप्पणियां

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने यूजीसी एक्ट की धारा 3(C) को चुनौती देते हुए इसे असंवैधानिक बताया। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि आजादी के 75 साल बाद भी देश जातिगत सोच से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है।

जस्टिस बागची ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत कभी उस स्थिति में नहीं पहुंचेगा, जहां नस्ल के आधार पर अलग-अलग स्कूल हुआ करते थे और अश्वेत व श्वेत बच्चों को अलग-अलग पढ़ाया जाता था।

विष्णु शंकर जैन ने अदालत में क्या कहा ? 

  • वे यूजीसी एक्ट की धारा 3(C) को सीधे तौर पर चुनौती दे रहे हैं

  • यह प्रावधान संविधान के खिलाफ है

  • यह सिर्फ इस धारणा पर आधारित है कि सामान्य वर्ग के छात्र भेदभाव करते हैं, जो गलत है

याचिकाकर्ता की मांग

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यूजीसी के नए रेगुलेशन को पूरी तरह रद्द करने और इस पर तुरंत रोक लगाने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि अगर अदालत अनुमति दे, तो वे इससे बेहतर और संतुलित रेगुलेशन तैयार कर सकते हैं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यूजीसी के नए नियमों पर रोक लग गई है और अब सबकी नजरें 19 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

यह भी पढ़ें : दुनिया में गूंजी सनी देओल की दहाड़, Border 2 बनी Worldwide साल की सबसे ज्यादा कम...

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow