पाकिस्तान ने मोल ले ली इजरायल की नाराजगी, कभी-भी कर सकता है 'सर्जिकल स्टाइक' , आखिर क्या है वजह ?

पाकिस्तान में ऐसी फुसफुसाहट है कि ईरान देश पर हमला कर सकता है। ऐसे में, अगर इज़राइल सच में हमला करता है, तो यह कोई पारंपरिक युद्ध नहीं होगा, बल्कि एक शक्तिशाली सर्जिकल स्ट्राइक होगी।

Jan 14, 2026 - 18:09
Jan 14, 2026 - 18:09
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पाकिस्तान ने मोल ले ली इजरायल की नाराजगी, कभी-भी कर सकता है 'सर्जिकल स्टाइक' , आखिर क्या है वजह ?

पाकिस्तान में इस वक्त माहौल बेहद बेचैन है। भारत को लेकर पहले से दबाव में चल रही शहबाज़ शरीफ सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर की मुश्किलें अब और बढ़ती दिख रही हैं। अपनी ही नीतियों और गतिविधियों के चलते पाकिस्तान अब इजरायल की नजरों में भी आ गया है, जिससे इस्लामाबाद में चिंता का माहौल है। पाकिस्तान को आशंका है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू किसी न किसी रूप में जवाबी कार्रवाई की योजना बना सकते हैं।

क्या हैं इजरायल की नाराजगी की प्रमुख वजहें ?

इजरायल पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वह किसी भी मुस्लिम देश के पास परमाणु ताकत को लेकर सख्त रुख रखता है। नेतन्याहू को संदेह है कि पाकिस्तान अपनी परमाणु तकनीक ईरान के साथ साझा कर सकता है, जबकि ईरान खुले तौर पर इजरायल के अस्तित्व को खत्म करने की बात करता रहा है। इसी वजह से इजरायल, पाकिस्तान को एक प्रॉक्सी खतरे के तौर पर देख सकता है।

इसके अलावा हाल के दिनों में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क में हमास की मौजूदगी भी सामने आई है। एक रिसर्च के मुताबिक, हमास का कमांडर नाजी जहीर कई बार पाकिस्तान का दौरा कर चुका है और यहां आतंकी संगठनों से जुड़े कार्यक्रमों में बतौर चीफ गेस्ट नजर आया है। यह जानकारी इजरायली नेतृत्व तक पहुंच चुकी है, और नेतन्याहू पहले ही हमास व उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान कर चुके हैं।

कैसा हो सकता है हमला ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो वह सीधे युद्ध के बजाय तकनीकी रूप से बेहद सटीक सर्जिकल ऑपरेशन होगा। इजरायल गुपचुप तरीके से अपनी स्पेशल फोर्स को पाकिस्तान में उतार सकता है, जिसमें खुफिया एजेंसी मोसाद की अहम भूमिका होगी।

अगर निशाना कोई परमाणु ठिकाना या कोई हाई-प्रोफाइल टारगेट होता है, तो सायरेट मटकल जैसी एलिट कमांडो यूनिट को तैनात किया जा सकता है। ये टीमें पनडुब्बियों या छोटे ड्रोन के जरिए रात के अंधेरे में ऑपरेशन को अंजाम दे सकती हैं और बमबारी के बजाय उपकरणों को अंदर से तबाह कर सकती हैं।

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर भी बन सकता है हथियार

इजरायल की रणनीति में साइबर अटैक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वॉरफेयर अहम भूमिका निभा सकते हैं। इजरायल के पास अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम हैं, जो एयर डिफेंस रडार को जाम करने में सक्षम हैं। साथ ही मोसाद, पाकिस्तान के सैन्य संचार और इंटरनेट नेटवर्क को बाधित कर सकता है, ताकि ऑपरेशन के दौरान जवाबी कार्रवाई में देरी हो।

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