Delhi : कालकाजी इलाके में मस्जिद पर 'अवैध अतिक्रमण' का आरोप, याचिकाकर्ता को HC ने फटकारा…
दिल्ली के कालकाजी इलाके की जामा मस्जिद और नंद नगरी की एक मस्जिद पर सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने का आरोप है।
दिल्ली के कालकाजी और नंदनगरी इलाके में स्थित मस्जिदों को लेकर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों के संबंध में दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार, 14 जनवरी को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के रुख पर नाराज़गी जताते हुए उसे कड़ी फटकार लगाई। हालांकि, अदालत ने फिलहाल मामले में कोई आदेश पारित नहीं किया और अगली सुनवाई की तारीख 21 जनवरी तय की है।
याचिकाकर्ता पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह लगातार इस तरह की याचिकाएं दाखिल कर रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायिक मंच का इस तरह दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता को समाज में अतिक्रमण के अलावा कोई और समस्या नजर ही नहीं आती।
कोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल करते हुए कहा कि समाज में पीने के पानी, बुनियादी सुविधाओं और अन्य नागरिक समस्याओं जैसी कई अहम परेशानियां मौजूद हैं, लेकिन उन मुद्दों को लेकर याचिकाकर्ता कभी कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाता। अदालत ने दोहराया कि कोर्ट के प्लेटफॉर्म का इस तरह चयनात्मक और गलत इस्तेमाल रोकना जरूरी है।
फिलहाल कोई आदेश या नोटिस नहीं
कालकाजी और नंदनगरी, दोनों ही इलाकों में स्थित मस्जिदों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने अभी न तो कोई आदेश पारित किया है और न ही किसी विभाग को नोटिस जारी किया है। इस चरण पर अदालत ने केवल याचिकाकर्ता को चेतावनी देते हुए फटकार लगाई है।
याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट PWD, DDA और MCD को निर्देश दे कि वे मस्जिदों के आसपास के इलाकों का तत्काल सर्वे और सीमांकन कराएं। साथ ही सरकारी भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण और कब्जों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब इस पूरे मामले पर 21 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
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