संसद के बजट सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुर्ई सर्वदलीय बैठक

बजट सत्र से पहले मंगलवार को संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 नेताओं ने हिस्सा लिया।

Jan 27, 2026 - 18:09
Jan 27, 2026 - 18:10
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संसद के बजट सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुर्ई सर्वदलीय बैठक
Parliament's budget session all party meeting

बजट सत्र से पहले मंगलवार को संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। सरकार की ओर से बताया गया कि बुधवार को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा, गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 1 फरवरी को आम बजट संसद में रखा जाएगा।

इस बीच विपक्ष की ओर से जी-राम-जी कानून और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग को सरकार ने ठुकरा दिया। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन दोनों विषयों पर संसद में पहले ही विस्तार से बहस हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी कानून के लागू हो जाने के बाद उससे पीछे लौटना संभव नहीं होता।

विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे

बैठक के दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई विपक्षी नेताओं ने बजट सत्र के लिए सरकारी कामकाज की सूची अब तक साझा न किए जाने पर आपत्ति जताई। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके खिलाफ हो रहा विरोध राजनीतिक कारणों से प्रेरित है।

इसके अलावा विपक्षी दलों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, मनरेगा की जगह लाए गए जी-राम-जी कानून, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ, विदेश नीति, वायु प्रदूषण, आर्थिक हालात समेत कई मुद्दों पर बजट सत्र में चर्चा की मांग रखी।

G RAM G और SIR पर बहस से सरकार का इनकार

किरण रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि यह साल का पहला सत्र है और सांसदों को जनता की आवाज बनकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोलने के अधिकार के साथ-साथ दूसरों की बात सुनना भी उतना ही जरूरी है।

रिजिजू ने आग्रह किया कि सदस्य अपने मुद्दे जरूर उठाएं, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित न करें।उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए अधिकांश विषय राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर होने वाली बहस के दौरान चर्चा के दायरे में लाए जा सकते हैं।

बजट पर केंद्रित रहे सत्र की चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री ने दोहराया कि बजट सत्र के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र बजट ही होना चाहिए, यही संसदीय नियम और परंपरा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष को कई मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा।

रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए हमेशा तैयार रहती है, लेकिन अगर सदन में हंगामा होता है या कार्यवाही ठप कर दी जाती है, तो इससे संसदीय प्रक्रिया को नुकसान पहुंचता है।

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