उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आलोक कुमार के मुताबिक, मामले में दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। चुनाव आयोग ने जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मामला पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें ऑनलाइन पोर्टल पर मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नंबर दर्ज करने पर दूसरे मतदाता का विवरण दिखाई देने की गड़बड़ी सामने आई। अब प्रशासन को जिले की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
EPIC नंबर डालने पर दूसरे मतदाता का विवरण दिखा
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को शिकायत मिली थी कि पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी है। शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन पोर्टल पर किसी मतदाता का EPIC नंबर डालने पर दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखाई दे रहा था। मामले की जांच कराई गई तो मतदाता सूची में अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके बाद चुनाव आयोग की ओर से गड़बड़ियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और वीआरसी ऑपरेटर को मतदाता सूची से जुड़े काम से हटाने के लिए भी कहा गया। जिलाधिकारी आलोक कुमार के मुताबिक, इस मामले में दो एसडीएम और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, आरोपों को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच के आधार पर होगा।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी को पीलीभीत की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की जांच करने और दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद मतदाता सूची में नाम, पहचान संख्या और अन्य विवरणों की शुद्धता को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। चुनाव अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी सही हो और सामने आई त्रुटियों को समय पर दूर किया जाए।
कांग्रेस ने लगाए थे हजारों नामों में हेरफेर के आरोप
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने पहले बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। पार्टी का दावा था कि 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए, जबकि उनके EPIC नंबर और क्रम संख्या पहले जैसी ही रहीं। कांग्रेस ने 884 मतदाताओं के नाम हटाने और करीब 2,600 ऐसे लोगों के नाम जोड़ने का भी आरोप लगाया था, जो कथित तौर पर संबंधित क्षेत्र में नहीं रहते। ये आंकड़े पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
शिकायतों और जांच के बाद प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है। अब पीलीभीत की अन्य विधानसभा सीटों के साथ-साथ प्रदेश के बाकी जिलों में मतदाता सूचियों की जांच पर भी नजर रहेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गड़बड़ियों के पूरे दायरे और उनकी वजहों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Read More
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घुसे दो सांड, मरीजों में मची अफरा-तफरी, Video Viral

