Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। वहीं, 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
ग्लेशियर टूटने से आया सैलाब
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक भारी मात्रा में पानी, मलबा और कीचड़ नीचे की ओर बहा। इससे मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई। बड़ी संख्या में घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
2,465 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल सेना के अनुसार अब तक 2,465 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 163 विदेशी नागरिक शामिल हैं। सुरक्षित निकाले गए लोगों में 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, चार जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो नागरिक तथा एक ओमानी नागरिक शामिल हैं।
हेलीकॉप्टर से 2,265 लोगों का रेस्क्यू
बचाए गए लोगों में कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 कर्मचारी भी शामिल हैं। कुल 2,465 लोगों में से 2,265 को हेलीकॉप्टर के जरिए और 200 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। प्रभावित इलाकों से निकाले गए 1,706 लोगों को धुंचे और त्रिशूली में बनाए गए आपात स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सहायता दी जा चुकी है।
11 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मैदान में
राहत और बचाव अभियान में 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी जुटे हैं। इनमें 5,000 से ज्यादा नेपाल सेना के जवान शामिल हैं। भारत ने भी मदद के लिए 11 सदस्यीय टीम नेपाल भेजी है, जिसमें मेडिकल स्टाफ और टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
फिर बाढ़ आने का खतरा
नेपाल में एक और बाढ़ की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों में दोबारा बाढ़ आने का खतरा है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने शुक्रवार को चेतावनी जारी कर कहा था कि बुधवार को जिस स्थान पर फ्लैश फ्लड आई थी, वहां पानी और कीचड़ का स्तर फिर बढ़ रहा है।
चीन के तिब्बत में भी 7 मौतें
इस प्राकृतिक आपदा का असर चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी हुआ है। तिब्बत के आपातकालीन प्रबंधन विभाग के मुताबिक चीन की ओर 7 लोगों की मौत हुई है।
मुग्लिंग-काठमांडू हाईवे खुला
बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के चलते बुधवार से बंद मुग्लिंग-काठमांडू हाईवे को शनिवार को फिर खोल दिया गया। यह राजधानी काठमांडू को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। हालांकि मध्य नेपाल में कई राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़क मार्ग अभी भी बाढ़ और भूस्खलन के खतरे से प्रभावित हैं।
अस्पतालों और राहत केंद्रों पर भीड़
अस्पतालों में बाढ़ प्रभावित लोगों की भीड़ बनी हुई है। बड़ी संख्या में परिवार और रिश्तेदार अपने लापता परिजनों की जानकारी के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों के बाहर जुटे हैं। वहीं, बचाव दल लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।
Read More:
स्वाइन फ्लू की चपेट में आए एक्टर इमरान हाशमी, कैंसिल किया बेंगलुरु का शो, फैंस से मांगी माफी

