1984 हिंसा के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद कांग्रेस के भीतर ही बयानबाजी तेज हो गई है। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए की गई टिप्पणी पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने आपत्ति जताई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी नेताओं को बयान देते समय सावधानी बरतने की नसीहत दी। विवाद बढ़ने के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने रविवार को सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सज्जन कुमार को कभी ‘रोल मॉडल’ नहीं बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर घिरे दीपेंद्र हुड्डा #hudda #sajjankumar pic.twitter.com/CY00Klcn4g
— MH ONE NEWS (@mhone_news) August 23, 2026
सज्जन कुमार की तारीफ पर उठे सवाल
सज्जन कुमार के निधन पर शोक जताते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने इसे देश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए बड़ी क्षति बताया था। उन्होंने दिल्ली के विकास में सज्जन कुमार के योगदान और लोगों के साथ उनके जुड़ाव का भी जिक्र किया था। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि सज्जन कुमार का दिल्ली और दिल्ली से बाहर के लोगों के साथ जुड़ाव एक मिसाल था। उन्होंने उनके निधन को बड़ी क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की थी। उनके इसी बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों के साथ पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने भी दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि उन्होंने 1984 हिंसा के दोषी सज्जन कुमार को आदर्श के तौर पर पेश किया।
चन्नी ने दी संभलकर बयान देने की नसीहत
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 1984 हिंसा के दोषी व्यक्ति को रोल मॉडल के तौर पर पेश करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। मामला बढ़ने के बाद कांग्रेस के भीतर भी इस बयान को लेकर असहजता दिखाई देने लगी। वहीं, अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
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