Sawan Teesra Somwar: आज सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ सावन का तीसरा सोमवार है और इसी दिन नाग पंचमी भी मनाई जा रही है। सावन सोमवार और नाग पंचमी दोनों भगवान शिव को समर्पित होने के कारण इस संयोग को बेहद शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आज भक्तों के साथ बहुत सारे कांवड़ियें भी भगवान शिव पर जल चढ़ाएंगे।
देशभर के शिवालयों में भक्तों की कतार
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के अलग-अलग राज्यों के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। कई कांवड़िए यात्रा पूरी कर पवित्र गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के शंभू मंदिर में भक्तों का तांता
जम्मू-कश्मीर के शंभू मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी है। भक्त भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, लस्सी और जल अर्पित कर मनोकामना मांग रहे हैं। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है और श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर खासा उत्साह है।
उन्नाव में गंगा स्नान के बाद जलाभिषेक
उन्नाव के गंगाघाट पर अलसुबह से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और फिर शिवालयों का रुख किया। गोकुल बाबा मंदिर, राजराजेश्वरी मंदिर समेत अन्य शिव मंदिरों में लंबी कतारें लगीं हैं। शिवभक्त बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर रहे हैं। मंदिरों में भजन और शिव तांडव स्त्रोत का पाठ चल रहा है।
उज्जैन में नागचंद्रेश्वर के पट खुले
उज्जैन में नाग पंचमी और तीसरे सोमवार के संयोग पर भारी भीड़ है। साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए और अगले 24 घंटे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भी देर रात से भक्त पहुंचते रहे। मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खुले और भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दोनों मंदिरों में प्रवेश और निर्गमन के रास्ते अलग रखे गए हैं।
शाम 4 बजे निकलेगी महाकाल की तीसरी सवारी
शाम 4 बजे बाबा महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी। इसमें चंद्रमौलेश्वर पालकी में, मनमहेश हाथी पर और शिव-तांडव प्रतिमा गरुड़ रथ पर विराजित रहेगी।
काशी में रात से लगी तीन किलोमीटर लंबी कतार
वाराणसी में सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ। गंगा घाटों से गंगाजल लेकर श्रद्धालु रात 12 बजे से ही कतार में लग गए थे। मंदिर क्षेत्र में करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। बाबा विश्वनाथ आज अर्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन दे रहे हैं।
50 हजार फूलों से सजा विश्वनाथ धाम
बाबा विश्वनाथ धाम को कोलकाता से आए करीब 50 हजार फूलों से सजाया गया है। इसमें गेंदे के 3000, रजनीगंधा के 1500 और गुलाब व जलबेड़ा की 500-500 मालाएं शामिल हैं। श्रद्धालुओं और कावड़ियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।
23 साल बाद बना ऐसा संयोग
श्रावण शुक्ल पंचमी, सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी का यह संयोग 23 साल बाद बना है। इससे पहले साल 2003 में ऐसा योग बना था। मान्यता है कि भगवान शिव के गले में विराजमान नाग देवता की इस दिन साथ में पूजा करने से विशेष फल मिलता है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चार प्रहर में पूजा करने से मनवांछित मनोकामना पूरी होने की मान्यता है।
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