गाजा युद्ध को लेकर इजरायल और अमेरिका के बीच मतभेद के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू(Netanyahu) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तैयार की गई शांति योजना को लेकर साफ कहा है कि इजरायल अभी इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से कहा गया है कि इजरायली सेना को गाजा से तभी पीछे हटना चाहिए जब हमास पूरी तरह हथियार छोड़ दे। वहीं, इजरायल की सेना ने भी स्पष्ट कर दिया है कि गाजा में उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा।
नेतन्याहू ने शांति प्रस्ताव पर क्या कहा?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि वह हमास को हथियार छोड़ने और गाजा को सैन्य गतिविधियों से मुक्त कराने में सफल हो सकता है। हालांकि, नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से भेजे गए मसौदे की समीक्षा की जा रही है और इजरायल ने अपनी टिप्पणियां भी साझा कर दी हैं।
उनका कहना था कि यह प्रस्ताव इजरायल का तैयार किया हुआ मसौदा नहीं है। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ योजना के रोडमैप को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस योजना में हमास के हथियार छोड़ने और इजरायली सेना की गाजा से वापसी जैसे प्रावधान शामिल हैं।
इजरायली सेना का अभियान रहेगा जारी
इजरायल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कहा है कि गाजा में सेना की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को निशाना बनाने का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने सैनिकों से मुलाकात के दौरान कहा कि इजरायली सेना ने गाजा में हमास की क्षमताओं को काफी कमजोर किया है और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में बड़ा बदलाव किया है।